अनोखा तीर, हरदा। जिला जेल में बंदियों के लिए आयोजित पांच दिवसीय राजयोग शिविर के द्वितीय दिवस बीके राजेश भाई ने राजयोग की विधि एवं उससे होने वाली आध्यात्मिक प्राप्तियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राजयोग मन को परमात्मा से जोड़कर आत्मिक शक्ति, शांति और सकारात्मकता का अनुभव कराने वाली सहज विधि है। उन्होंने बंदियों को राजयोग की सरल विधि समझाते हुए कहा कि स्वयं को शरीर नहीं, बल्कि शांत, पवित्र एवं शक्तिशाली आत्मा समझकर परमात्मा शिव का स्मरण करने से मन के नकारात्मक विचारों और तनाव पर नियंत्रण पाया जा सकता है। नियमित राजयोग अभ्यास से मन में शांति, आत्मविश्वास, एकाग्रता और सकारात्मक सोच का विकास होता है। बीके राजेश भाई ने कहा कि विचारों में परिवर्तन से ही व्यवहार और जीवन में परिवर्तन आता है। राजयोग व्यक्ति को अपनी कमजोरियों पर विजय प्राप्त कर श्रेष्ठ संस्कारों को अपनाने की प्रेरणा देता है। शिविर का उद्देश्य बंदियों को आत्मचिंतन, सकारात्मक जीवनशैली एवं नशा तथा विकारों से मुक्ति की दिशा में प्रेरित करना है।
राजयोग की विधि से मन को शांत और जीवन को सकारात्मक बनाएं

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