-पुलिस ने मर्ग कायम किया
अनोखा तीर, हरदा। हरदा के बघेल हॉस्पिटल पर एक परिवार ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए गुरुवार को थाने में शिकायत दर्ज कराई है। अंकित जैन का आरोप है कि उनकी पत्नी आकृति ने 2 अक्टूबर को एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया, जिसका वजन करीब साढ़े तीन किलो था। बच्चा चार दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहा। पेट फूलने पर परिजनों को बताया गया कि बच्चे का मलद्वार नहीं है, उसे हायर सेंटर ले जाएं। परिजन नवजात को इंदौर ले गए, जहां 6 अक्टूबर को पेट का ऑपरेशन हुआ। उसे वेंटिलेटर पर रखा गया, पर 7 अक्टूबर को मलद्वार के ऑपरेशन से पहले ही उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि समय पर जानकारी मिलने से बच्चे की जान बच सकती थी।
अस्पताल ने आरोपों को नकारा
अस्पताल संचालक डॉ. विशाल सिंह बघेल ने आरोपों को नकारा। उन्होंने कहा कि जन्म के समय मलद्वार का पता लगाना मुश्किल है, दूध पीने के बाद ही पता चलता है। स्टाफ ने परिजनों को इसकी जानकारी दी थी। टीआई रोशनलाल भारती ने बताया कि निजी अस्पताल पर लापरवाही की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।






