– इंदौर आर्थिक राजधानी के साथ अब पर्यावरण संरक्षण की दिशा तय कर रहा

अनोखा तीर, इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल एवं क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल ने इंदौर के ग्राम बुढ़ानिया स्थित सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधरोपण कर 21 लाख पौधारोपण एवं 51 हजार वर्षा जल संचयन इकाइयों की स्थापना के महाभियान का शुभारंभ कर संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जो हमें जीवन दें, सद्मार्ग पर ले जाए, वह सदैव वंदनीय है। हमारे लिए प्रकृति ही परमेश्वर के स्वरूप है, क्योंकि यह हमें जीवन देती है, हमारा उदर-पोषण करती है, इसलिए हम सबको प्रकृति पूजक बनकर इसकी वंदना करनी चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वृक्ष हमारे जीवन का आधार भी हैं और वसुधा का श्रृंगार भी। वृक्ष ऋषि मुनियों के समान एक ही स्थान पर रहकर साधना करते हैं। यह हमारी नकारात्मक ऊर्जा को स्वयं ग्रहण कर हमें सकारात्मक ऊर्जा देने वाले उदार साधक होते हैं। बंजर भूमि को हरियाली की चादर ओढ़ाना प्रकृति माता को हरी चुनरी ओढ़ाने जैसा है। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान कोई शासकीय कार्यक्रम नहीं, यह जीवन के लिए सांसों का स्थायी प्रबंध करने का अभियान है। जल, जंगल, जमीन और जानवर जिनसे हमारा पारिस्थितिकीय-तंत्र तैयार होता है, यह अभियान इनकी सुरक्षा का मिशन है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि इन्दौर प्रदेश की आर्थिक राजधानी होने के साथ अब पर्यावरण संरक्षण की दिशा तय कर रहा है। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत 21 लाख पौधे लगाने के संकल्प का महाभियान नि:संदेह बेहद सराहनीय है। इंदौर जो संकल्प करता है, उसे सफलतापूर्वक पूरा भी करता है। कार्यक्रम को मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय एवं महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भी संबोधित किया।
नक्सल उन्मूलन में उल्लेखनीय सेवा देने वाले दो जवानों को मिलेंगे दो-दो लाख
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी संस्कृति में पंच महाभूतों को मान्यता मिली है, इसमें सबसे प्रमुख है जल। जल से ही हमारा जीवन है। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान तथा जल, जंगल एवं पर्यावरण बचाने के पुनीत महाभियान में पूरे समाज की सहभागिता बेहद सराहनीय है। हम सबको मिलकर इस दिशा में आगे आना ही चाहिए। मुख्यमंत्री ने पौधरोपण एवं जल संचयन में सरकार और समाज की सहयोगी सामाजिक संस्था पृथ्वी को प्रोत्साहन स्वरूप 2 लाख रुपये और प्रदेश में चलाए गए नक्सल उन्मूलन अभियान में उल्लेखनीय सेवाएं देने वाले बीएसएफ के दो जवानों को मंच से सम्मानित कर 2-2 लाख रुपये प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मां अहिल्या की नगरी इंदौर अतीत के उस गौरवशाली पृष्ठ के रूप में जानी जाती है, जिसने सनातन संस्कृति को पुनर्जीवित किया। देवी अहिल्या माता ने अपने शासनकाल में अपने मूल उत्तरदायित्व के साथ-साथ प्रकृति के साथ तालमेल बनाए रखने के लिए कई स्थानों पर कुंए और बावड़ियां बनाई। उन्हीं से प्रेरणा लेते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने जल संरक्षण की दिशा में नदी, तालाब, कुंए, बावड़ियों की सफाई और इनके पुनर्निर्माण का अभियान चलाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव यादव ने कहा कि इन्दौर जब भी कुछ करता है, रिकार्ड ही बनाता है। इस अवसर पर प्रदेश शासन के मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, वरिष्ठ नेता कृष्णमुरारी मोघे, पूर्व मंत्री व विधायक महेन्द्र हार्डिया, विधायक रमेश मेंदोला, मधु वर्मा, राकेश गोलू शुक्ला, जिला अध्यक्ष सुमित मिश्रा एवं ग्रामीण जिला अध्यक्ष श्रवण सिंह चावड़ा सहित जनप्रतिनिधि एवं पार्टी पदाधिकारी मंचासीन रहे।





