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Thursday, 22 October 2026
बैतूल

कलयुगी बेटे ने गला घोंटकर की पिता की हत्या

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-खेती के पैसों के विवाद में बेटे ने मां के साथ रची साजिश

अनोखा तीर, बैतूल। जिले की आमला पुलिस ने अंधे हत्याकांड का खुलासा किया है। प्राप्त जानकारी के अुनसार मध्य प्रदेश के जिला बैतूल की तहसील आमला में मां-बेटे के विरुद्ध हत्या एवं साक्ष्य छिपाने का मामला दर्ज हुआ है। पुलिस अधीक्षक बैतूल वीरेन्द्र जैन के मार्गदर्शन में थाना आमला पुलिस ने एक अज्ञात शव मिलने के मामले की सूक्ष्म एवं वैज्ञानिक जांच करते हुए हत्या की गुत्थी सुलझा ली। जांच में सामने आया कि मृतक की हत्या उसके ही पुत्र ने अपनी मां के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से की थी। 25 जून २०26 को आमला क्षेत्र स्थित कुड़मुड़ नदी की सूखी पुलिया के पास एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने पर थाना आमला में मर्ग कायम कर जांच प्रारंभ की गई। शव की पहचान बाद में ग्राम शंभुढाना बड़ाखारी निवासी लब्बू यादव के रूप में हुई। मर्ग जांच के दौरान शव पंचनामा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, परिजनों एवं प्रत्यक्षदर्शियों के कथनों सहित सभी तथ्यों का बारीकी से परीक्षण किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण गला घोंटने से होना पाया गया। जांच में यह तथ्य सामने आया कि मृतक के पुत्र संदीप यादव का अपने पिता से खेती न करने देने, खर्चे के लिए पैसों न देने एवं गाली गलौज कर वाद-विवाद करते रहने को लेकर विवाद चल रहा था। इसी के चलते उसने अपनी मां सुनीता यादव के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। 22-23 जून 2026 की दरम्यानी रात रेलवे स्टेशन से लौटते समय संदीप ने गमछे से अपने पिता का गला घोंटकर हत्या कर दी तथा शव को कुड़मुड़ नदी के सूखे हिस्से में छिपा दिया। जांच में यह भी सामने आया कि घटना की पूरी जानकारी होने के बावजूद आरोपी की मां सुनीता यादव ने अपने पुत्र का साथ दिया, साक्ष्य छिपाने में सहयोग किया तथा बाद में थाना बोरदेही में अपने पति की झूठी गुमशुदगी दर्ज कराकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया। जांच में यह भी पाया गया कि वह अपने पुत्र को लगातार मृतक के विरुद्ध भड़काती एवं उकसाती रही थी। साक्ष्यों एवं जांच के आधार पर थाना आमला में अपराध पंजीबद्ध कर दोनों आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस अंधे हत्याकांड का सफल खुलासा करने में थाना प्रभारी मुकेश ठाकुर थाना आमला, उप निरीक्षक बलराम यादव, सहायक उप निरीक्षक मूलचंद अनंत, प्रधान आरक्षक बसंत उईके, कमल पांसे, आरक्षक रोहित कुशवाह नागेद्र सिंह, विवेक पाल, तिलक कुड़ापे, महिला आरक्षक विनिता नागवंशी, प्रियांशी पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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