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Thursday, 22 October 2026
हरदा

ऑनलाइन कारोबार में चार साल में छह गुना वृद्धि, पारंपरिक व्यापार पर बढ़ी चिंता : कैट

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अनोखा तीर, हरदा। शहरवासी अब शोरूम और बाजारों में जाने के बजाय घर बैठे मोबाइल, टीवी, फ्रिज सहित अन्य घरेलू सामान मंगा रहे हैं। सबसे अधिक इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं की ऑनलाइन खरीदारी की जा रही है। इसके बाद फैशन और किचन से जुड़े उत्पादों की मांग अधिक है। बीते चार वर्षों में ऑनलाइन कारोबार में लगभग छह गुना वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2022 में ऑनलाइन कारोबार करीब 3 हजार करोड़ रुपए का था, जो वर्ष 2026 में 18 हजार करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है। यह दावा व्यापारियों की शीर्ष संस्था कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) की रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, 30 से 35 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक एवं होम उत्पादों की खरीद ऑनलाइन की जा रही है, जो इस श्रेणी में सबसे अधिक है। इसके बाद 20 से 25 प्रतिशत फैशन एवं लाइफस्टाइल उत्पादों की बिक्री ऑनलाइन हो रही है। वहीं 15 से 20 प्रतिशत किचन उत्पादों की खरीदारी भी ऑनलाइन माध्यम से की जा रही है। इस क्षेत्र में आगे भी तेजी आने की संभावना जताई गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 6 से 7 प्रतिशत सौंदर्य एवं पर्सनल केयर उत्पादों का कारोबार ऑनलाइन हो रहा है। इसी प्रकार 5 से 7 प्रतिशत फर्नीचर की खरीदारी भी ऑनलाइन की जा रही है। ट्रैवल और टिकटिंग सेवाओं का ऑनलाइन कारोबार भी बढ़कर 10 से 15 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
सरकार को पत्र लिखकर जताई चिंता
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) मध्य प्रदेश के जिला अध्यक्ष सरगम जैन ने बताया कि कैट ने ऑनलाइन व्यापार को लेकर सरकार को पत्र लिखकर चिंता व्यक्त की है।
पारंपरिक कारोबार पर पड़ रहा असर
कैट टीम का कहना है कि ऑनलाइन कारोबार बढ़ने से पारंपरिक बाजारों में ग्राहकों की संख्या लगातार घट रही है। बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही कम होने से नगदी का संकट भी बढ़ रहा है। व्यापारियों का तर्क है कि जब ग्राहक घर बैठे ही अपनी जरूरत का सामान मंगा लेंगे तो वे बाजार नहीं जाएंगे। जबकि बाजार आने पर ग्राहक अन्य वस्तुओं की भी खरीदारी करते हैं। यह पूरी व्यापारिक श्रृंखला ऑनलाइन कारोबार के कारण प्रभावित हो रही है।

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