Skip to content
Thursday, 22 October 2026
हरदा

डायग्नोस्टिक टीम ने किया मूंग फसल का निरीक्षण

2 min read
Text Size:

-बीमारियों से बचाव के बताए उपाय

अनोखा तीर, मसनगांव। ग्रीष्मकालीन मूंग फसल में बढ़ रही बीमारियों और कीट प्रकोप को देखते हुए कृषि विभाग के डायग्नोस्टिक दल द्वारा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में पहुंचकर किसानों की फसलों का निरीक्षण किया गया। दल ने ग्राम कनारदा, गहाल, डगावाशंकर, खामापड़वा, केलनपुर, बीड़, मसनगांव सहित अन्य गांवों में किसानों के खेतों का दौरा कर मूंग फसल की स्थिति का जायजा लिया तथा किसानों को फसल सुरक्षा संबंधी आवश्यक जानकारी दी। निरीक्षण के दौरान कई खेतों में मूंग फसल पर रस चूसक कीट, माहू तथा पीला मोजैक रोग के लक्षण दिखाई दिए। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को बताया कि पीला मोजैक रोग सफेद मक्खी के माध्यम से तेजी से फैलता है, जिससे फसल की बढ़वार प्रभावित होती है और उत्पादन में कमी आने की संभावना रहती है। दल ने किसानों को सलाह दी कि रोग की प्रारंभिक अवस्था में ही संक्रमित पौधों को खेत से उखाड़कर नष्ट कर दें, ताकि संक्रमण अन्य पौधों तक न फैले। कृषि अधिकारियों ने खेतों में पीले स्टिकी ट्रैप लगाने की सलाह भी दी। उन्होंने बताया कि इससे रस चूसक कीटों की संख्या पर नियंत्रण किया जा सकता है। साथ ही किसानों को समय-समय पर खेतों का निरीक्षण करते रहने और रोग के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नियंत्रण उपाय अपनाने के लिए कहा गया।  रासायनिक नियंत्रण के संबंध में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को इमिडाक्लोप्रिड 17.8 एसएल 40 मिली प्रति एकड़ अथवा थायोमेथाक्सम 25 डब्ल्यूजी 40 ग्राम प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करने की सलाह दी। अधिकारियों ने बताया कि दवाइयों का उपयोग निर्धारित मात्रा में ही करें, ताकि फसल को नुकसान न पहुंचे और बेहतर परिणाम मिल सकें। निरीक्षण के दौरान सहायक संचालक रामकृष्ण मंडलोई, कृषि वैज्ञानिक डॉ. मुकेश बंकोलिया, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी संगीता डावर तथा कृषि विस्तार अधिकारी गणेश रजने सहित कृषि विभाग का अमला मौजूद रहा। अधिकारियों ने किसानों से वैज्ञानिक सलाह के अनुसार फसल प्रबंधन अपनाने की अपील की, ताकि मूंग फसल को बीमारियों एवं कीट प्रकोप से बचाकर बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सके।
—————————-

4 Views
What do you think?

Leave a Reply