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Thursday, 22 October 2026
हरदा

गुर्जर समाज ने किया कान्हा बाबा समाधि पर सामाजिक भंडारे का आयोजनगुर्जर समाज ने किया कान्हा बाबा समाधि पर सामाजिक भंडारे का आयोजनगुर्जर समाज ने किया कान्हा बाबा समाधि पर सामाजिक भंडारे का आयोजन

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-लगभग 100 वर्षों से बैशाख पूर्णिमा पर चली आ रही परंपरा
-1000 से अधिक श्रद्धालुओं ने ग्रहण की प्रसादी

अनोखा तीर, सोडलपुर। ग्राम में गुर्जर समाज द्वारा शुक्रवार को गुरु कान्हा बाबा की समाधि स्थल पर बैशाख पूर्णिमा के पावन अवसर पर सामाजिक भंडारे का भव्य आयोजन श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ किया गया। इस आयोजन में समाज के करीब 300 परिवारों की सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम में 1000 से अधिक महिला-पुरुषों ने प्रसादी ग्रहण कर धर्म लाभ अर्जित किया। यह भंडारा पिछले लगभग 100 वर्षों से लगातार आयोजित किया जा रहा है, जो गुर्जर समाज की समृद्ध परंपरा और गुरु के प्रति अटूट श्रद्धा का प्रतीक है। समाज के बुजुर्गों के अनुसार यह परंपरा पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही है, जिसे आज भी पूरी निष्ठा और भक्ति भाव के साथ निभाया जा रहा है। हर वर्ष बैशाख पूर्णिमा पर समाज के सभी लोग इस आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं और इसे सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। भंडारे से पूर्व प्रात:काल गुरु कान्हा बाबा की समाधि स्थल पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने समाधि पर निशान चढ़ाकर गुरु का आशीर्वाद लिया तथा आरती कर सुख-समृद्धि की कामना की। इसके पश्चात प्रसाद के रूप में भोग अर्पित किया गया और भंडारे का शुभारंभ किया गया। भंडारे की विशेषता यह रही कि समाज के सभी वर्गों के लोग एक साथ पंक्ति में बैठकर प्रसादी ग्रहण करते नजर आए, जिससे सामाजिक समरसता और एकता का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत हुआ। आयोजन में अनुशासन और व्यवस्था का भी विशेष ध्यान रखा गया, जिसके चलते श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई। इस पूरे आयोजन में समाज के युवाओं और वरिष्ठजनों ने मिलकर जिम्मेदारी निभाई। किसी ने भोजन बनाने में सहयोग दिया तो किसी ने व्यवस्थाओं को संभाला। महिलाओं ने भी प्रसादी तैयार करने और वितरण में सक्रिय भूमिका निभाई। हर घर से अन्न, सामग्री और आर्थिक सहयोग दिया गया, जिससे यह आयोजन और भी सफल बन सका। इस अवसर पर समाज के कई वरिष्ठजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने इस परंपरा को बनाए रखने के लिए समाज की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि समाज में एकता, भाईचारे और सहयोग की भावना को भी बढ़ावा देते हैं। भंडारे के समापन पर सभी श्रद्धालुओं ने गुरु कान्हा बाबा से क्षेत्र की खुशहाली, सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। यह आयोजन एक बार फिर समाज की एकजुटता और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखने का संदेश देकर संपन्न हुआ।
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