अनोखा तीर, हरदा। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा बिजली चोरी की रोकथाम के लिए चलाई जा रही पारितोषिक योजना को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाया गया है। योजना के संशोधित प्रावधानों के अनुसार, बिजली के अवैध उपयोग की सटीक सूचना देने वाले सूचनाकर्ताओं को अब प्रोत्साहन राशि के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा। कंपनी ने निर्णय लिया है कि सूचना सही पाए जाने और अंतिम निर्धारण आदेश जारी होने के तुरंत बाद सूचनाकर्ता को कुल 10 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि में से 5 प्रतिशत राशि का भुगतान तत्काल कर दिया जाएगा, जबकि शेष 5 प्रतिशत राशि की अदायगी आरोपी से पूर्ण वसूली के बाद की जाएगी। वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 204 प्रकरणों में सफल सूचनाकर्ताओं को 5.05 लाख रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। इसके अलावा, जांच और वसूली की कार्यवाही करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी उनके मासिक वेतन के साथ प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। योजना के दायरे को बढ़ाते हुए नियमित, संविदा एवं आउटसोर्स कर्मचारियों को भी सूचनाकर्ता के रूप में शामिल किया गया है। सूचना सही पाए जाने और पूर्ण वसूली होने पर इन कर्मचारियों को 1 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वहीं जांच एवं वसूली कार्य में शामिल विभागीय अधिकारियों सहित बाह्य स्रोत कर्मचारियों को 2.5 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि समान रूप से वितरित की जाएगी। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि सूचनाकर्ता की पहचान और भुगतान से जुड़ी पूरी प्रक्रिया पूर्णत: गोपनीय और ऑनलाइन रखी गई है। योजना का लाभ लेने के लिए सूचनाकर्ता को कंपनी के पोर्टल पर इन्फॉर्मर स्कीम लिंक के माध्यम से अथवा अन्य निर्धारित उपायों से बिजली चोरी की सूचना देनी होगी तथा निर्धारित प्रारूप में बैंक खाता विवरण और पहचान पत्र देना अनिवार्य होगा। कंपनी मुख्यालय स्तर से शिकायतों की सतत निगरानी की जा रही है, ताकि बिजली चोरी रोकने के अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। नागरिकों, उपभोक्ताओं एवं कर्मचारियों से अपील की गई है कि वे गुप्त सूचना देकर योजना का लाभ उठाएं और कंपनी को सहयोग प्रदान करें।
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