अंतरिक्ष की ओर हरदा की उड़ानअंतरिक्ष की ओर हरदा की उड़ानअंतरिक्ष की ओर हरदा की उड़ान

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-इसरो यात्रा में शिक्षक और छात्रा की संयुक्त भागीदारी

अनोखा तीर, हरदा। विज्ञान के प्रति जिज्ञासा, नवाचार और अनुसंधान की भावना को प्रोत्साहित करने वाली प्रतिष्ठित विज्ञान मंथन (इसरो यात्रा) में इस वर्ष हरदा जिले की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली, जहां छात्रा और शिक्षक दोनों ने एक साथ इस वैज्ञानिक अभियान में सहभागिता कर जिले का गौरव बढ़ाया। शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय, हरदा के भौतिकी विषय शिक्षक हरीश सिसोदिया का इस यात्रा के लिए चयन होना एक प्रेरणादायक उपलब्धि है। यह सहभागिता शिक्षक-छात्र संबंध के उस आदर्श स्वरूप को दर्शाती है, जिसमें मार्गदर्शन और जिज्ञासा एक साथ आगे बढ़ते हैं। यात्रा के दौरान प्रतिभागियों ने देश के प्रमुख अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्रों का भ्रमण कर उपग्रह प्रक्षेपण तकनीक, डीप स्पेस नेटवर्क, नेविगेशन प्रणाली और अंतरिक्ष अनुसंधान की जटिल प्रक्रियाओं को निकट से समझा। वैज्ञानिकों के साथ संवाद और अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं के अवलोकन ने उनके ज्ञान को व्यवहारिक आधार प्रदान किया। इस संदर्भ में शिक्षक हरीश सिसोदिया ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह यात्रा उनके लिए अत्यंत अद्भुत और अविस्मरणीय रही। उनके शब्दों में, अब तक हमने इसरो के श्रीहरिकोटा स्थित लॉन्च पैड को केवल पुस्तकों और समाचार पत्रों में ही पढ़ा और देखा था, लेकिन इस यात्रा के माध्यम से उसे प्रत्यक्ष रूप में देखने का अवसर मिला, जो अत्यंत रोमांचकारी और प्रेरणादायक अनुभव रहा। विशेष रूप से यह तथ्य उल्लेखनीय रहा कि शिक्षक और छात्रा दोनों ने इस यात्रा में सक्रिय रूप से सहभागिता करते हुए सीखने की प्रक्रिया को साझा अनुभव में परिवर्तित किया। सिसोदिया ने कहा कि विज्ञान के प्रति गहरी रुचि विकसित हुई, जिसका परिणाम इस प्रतिष्ठित चयन के रूप में सामने आया। शिक्षा जगत में इस उपलब्धि को एक आदर्श उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है, जो यह दर्शाता है कि यदि समर्पण, सही दिशा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का समन्वय हो, तो छोटे शहरों के विद्यार्थी और शिक्षक भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान स्थापित कर सकते हैं। हरदा जिले के लिए यह उपलब्धि न केवल गौरव का विषय है, बल्कि यह अन्य विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनकर उभरी है, जो विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने की दिशा में अग्रसर हैं। शिक्षक की इस उपलब्धि पर जिला विज्ञान प्रभारी योगेंद्र सिंह ठाकुर, जिला परियोजना समन्वयक बलवंत पटेल एवं जिला शिक्षा अधिकारी डी.एस. रघुवंशी ने बधाई दी।
———अंतरिक्ष की ओर हरदा की उड़ान
-इसरो यात्रा में शिक्षक और छात्रा की संयुक्त भागीदारी
फोटो 07-08
अनोखा तीर, हरदा। विज्ञान के प्रति जिज्ञासा, नवाचार और अनुसंधान की भावना को प्रोत्साहित करने वाली प्रतिष्ठित विज्ञान मंथन (इसरो यात्रा) में इस वर्ष हरदा जिले की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली, जहां छात्रा और शिक्षक दोनों ने एक साथ इस वैज्ञानिक अभियान में सहभागिता कर जिले का गौरव बढ़ाया। शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय, हरदा के भौतिकी विषय शिक्षक हरीश सिसोदिया का इस यात्रा के लिए चयन होना एक प्रेरणादायक उपलब्धि है। यह सहभागिता शिक्षक-छात्र संबंध के उस आदर्श स्वरूप को दर्शाती है, जिसमें मार्गदर्शन और जिज्ञासा एक साथ आगे बढ़ते हैं। यात्रा के दौरान प्रतिभागियों ने देश के प्रमुख अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्रों का भ्रमण कर उपग्रह प्रक्षेपण तकनीक, डीप स्पेस नेटवर्क, नेविगेशन प्रणाली और अंतरिक्ष अनुसंधान की जटिल प्रक्रियाओं को निकट से समझा। वैज्ञानिकों के साथ संवाद और अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं के अवलोकन ने उनके ज्ञान को व्यवहारिक आधार प्रदान किया। इस संदर्भ में शिक्षक हरीश सिसोदिया ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह यात्रा उनके लिए अत्यंत अद्भुत और अविस्मरणीय रही। उनके शब्दों में, अब तक हमने इसरो के श्रीहरिकोटा स्थित लॉन्च पैड को केवल पुस्तकों और समाचार पत्रों में ही पढ़ा और देखा था, लेकिन इस यात्रा के माध्यम से उसे प्रत्यक्ष रूप में देखने का अवसर मिला, जो अत्यंत रोमांचकारी और प्रेरणादायक अनुभव रहा। विशेष रूप से यह तथ्य उल्लेखनीय रहा कि शिक्षक और छात्रा दोनों ने इस यात्रा में सक्रिय रूप से सहभागिता करते हुए सीखने की प्रक्रिया को साझा अनुभव में परिवर्तित किया। सिसोदिया ने कहा कि विज्ञान के प्रति गहरी रुचि विकसित हुई, जिसका परिणाम इस प्रतिष्ठित चयन के रूप में सामने आया। शिक्षा जगत में इस उपलब्धि को एक आदर्श उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है, जो यह दर्शाता है कि यदि समर्पण, सही दिशा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का समन्वय हो, तो छोटे शहरों के विद्यार्थी और शिक्षक भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान स्थापित कर सकते हैं। हरदा जिले के लिए यह उपलब्धि न केवल गौरव का विषय है, बल्कि यह अन्य विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनकर उभरी है, जो विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने की दिशा में अग्रसर हैं। शिक्षक की इस उपलब्धि पर जिला विज्ञान प्रभारी योगेंद्र सिंह ठाकुर, जिला परियोजना समन्वयक बलवंत पटेल एवं जिला शिक्षा अधिकारी डी.एस. रघुवंशी ने बधाई दी।
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अनोखा तीर, हरदा। विज्ञान के प्रति जिज्ञासा, नवाचार और अनुसंधान की भावना को प्रोत्साहित करने वाली प्रतिष्ठित विज्ञान मंथन (इसरो यात्रा) में इस वर्ष हरदा जिले की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली, जहां छात्रा और शिक्षक दोनों ने एक साथ इस वैज्ञानिक अभियान में सहभागिता कर जिले का गौरव बढ़ाया। शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय, हरदा के भौतिकी विषय शिक्षक हरीश सिसोदिया का इस यात्रा के लिए चयन होना एक प्रेरणादायक उपलब्धि है। यह सहभागिता शिक्षक-छात्र संबंध के उस आदर्श स्वरूप को दर्शाती है, जिसमें मार्गदर्शन और जिज्ञासा एक साथ आगे बढ़ते हैं। यात्रा के दौरान प्रतिभागियों ने देश के प्रमुख अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्रों का भ्रमण कर उपग्रह प्रक्षेपण तकनीक, डीप स्पेस नेटवर्क, नेविगेशन प्रणाली और अंतरिक्ष अनुसंधान की जटिल प्रक्रियाओं को निकट से समझा। वैज्ञानिकों के साथ संवाद और अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं के अवलोकन ने उनके ज्ञान को व्यवहारिक आधार प्रदान किया। इस संदर्भ में शिक्षक हरीश सिसोदिया ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह यात्रा उनके लिए अत्यंत अद्भुत और अविस्मरणीय रही। उनके शब्दों में, अब तक हमने इसरो के श्रीहरिकोटा स्थित लॉन्च पैड को केवल पुस्तकों और समाचार पत्रों में ही पढ़ा और देखा था, लेकिन इस यात्रा के माध्यम से उसे प्रत्यक्ष रूप में देखने का अवसर मिला, जो अत्यंत रोमांचकारी और प्रेरणादायक अनुभव रहा। विशेष रूप से यह तथ्य उल्लेखनीय रहा कि शिक्षक और छात्रा दोनों ने इस यात्रा में सक्रिय रूप से सहभागिता करते हुए सीखने की प्रक्रिया को साझा अनुभव में परिवर्तित किया। सिसोदिया ने कहा कि विज्ञान के प्रति गहरी रुचि विकसित हुई, जिसका परिणाम इस प्रतिष्ठित चयन के रूप में सामने आया। शिक्षा जगत में इस उपलब्धि को एक आदर्श उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है, जो यह दर्शाता है कि यदि समर्पण, सही दिशा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का समन्वय हो, तो छोटे शहरों के विद्यार्थी और शिक्षक भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान स्थापित कर सकते हैं। हरदा जिले के लिए यह उपलब्धि न केवल गौरव का विषय है, बल्कि यह अन्य विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनकर उभरी है, जो विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने की दिशा में अग्रसर हैं। शिक्षक की इस उपलब्धि पर जिला विज्ञान प्रभारी योगेंद्र सिंह ठाकुर, जिला परियोजना समन्वयक बलवंत पटेल एवं जिला शिक्षा अधिकारी डी.एस. रघुवंशी ने बधाई दी।
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अनोखा तीर, हरदा। विज्ञान के प्रति जिज्ञासा, नवाचार और अनुसंधान की भावना को प्रोत्साहित करने वाली प्रतिष्ठित विज्ञान मंथन (इसरो यात्रा) में इस वर्ष हरदा जिले की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली, जहां छात्रा और शिक्षक दोनों ने एक साथ इस वैज्ञानिक अभियान में सहभागिता कर जिले का गौरव बढ़ाया। शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय, हरदा के भौतिकी विषय शिक्षक हरीश सिसोदिया का इस यात्रा के लिए चयन होना एक प्रेरणादायक उपलब्धि है। यह सहभागिता शिक्षक-छात्र संबंध के उस आदर्श स्वरूप को दर्शाती है, जिसमें मार्गदर्शन और जिज्ञासा एक साथ आगे बढ़ते हैं। यात्रा के दौरान प्रतिभागियों ने देश के प्रमुख अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्रों का भ्रमण कर उपग्रह प्रक्षेपण तकनीक, डीप स्पेस नेटवर्क, नेविगेशन प्रणाली और अंतरिक्ष अनुसंधान की जटिल प्रक्रियाओं को निकट से समझा। वैज्ञानिकों के साथ संवाद और अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं के अवलोकन ने उनके ज्ञान को व्यवहारिक आधार प्रदान किया। इस संदर्भ में शिक्षक हरीश सिसोदिया ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह यात्रा उनके लिए अत्यंत अद्भुत और अविस्मरणीय रही। उनके शब्दों में, अब तक हमने इसरो के श्रीहरिकोटा स्थित लॉन्च पैड को केवल पुस्तकों और समाचार पत्रों में ही पढ़ा और देखा था, लेकिन इस यात्रा के माध्यम से उसे प्रत्यक्ष रूप में देखने का अवसर मिला, जो अत्यंत रोमांचकारी और प्रेरणादायक अनुभव रहा। विशेष रूप से यह तथ्य उल्लेखनीय रहा कि शिक्षक और छात्रा दोनों ने इस यात्रा में सक्रिय रूप से सहभागिता करते हुए सीखने की प्रक्रिया को साझा अनुभव में परिवर्तित किया। सिसोदिया ने कहा कि विज्ञान के प्रति गहरी रुचि विकसित हुई, जिसका परिणाम इस प्रतिष्ठित चयन के रूप में सामने आया। शिक्षा जगत में इस उपलब्धि को एक आदर्श उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है, जो यह दर्शाता है कि यदि समर्पण, सही दिशा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का समन्वय हो, तो छोटे शहरों के विद्यार्थी और शिक्षक भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान स्थापित कर सकते हैं। हरदा जिले के लिए यह उपलब्धि न केवल गौरव का विषय है, बल्कि यह अन्य विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनकर उभरी है, जो विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने की दिशा में अग्रसर हैं। शिक्षक की इस उपलब्धि पर जिला विज्ञान प्रभारी योगेंद्र सिंह ठाकुर, जिला परियोजना समन्वयक बलवंत पटेल एवं जिला शिक्षा अधिकारी डी.एस. रघुवंशी ने बधाई दी।
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