अनोखा तीर, मसनगांव। गर्मी के इस सीजन में मौसम का मिजाज लगातार बदलता नजर आ रहा है। रविवार को सुबह से आसमान साफ रहने के कारण तेज धूप ने लोगों को बेहाल कर दिया। दोपहर के समय तापमान करीब 43 डिग्री तक पहुंच गया, जिससे सड़कों और गलियों में सन्नाटा छा गया। वहीं, शाम होते-होते अचानक बादल छा गए, जिससे तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन उमस बढ़ने से लोगों को राहत नहीं मिल सकी। अत्यधिक गर्मी के बीच विद्युत वितरण कंपनी द्वारा की जा रही बिजली कटौती ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी। दोपहर के समय बिजली गुल रहने से घरों में लोग गर्मी से बेहाल नजर आए। वैशाख माह के दूसरे पखवाड़े में मौसम के इस बदलाव का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी देखने को मिल रहा है। उमस और गर्मी के चलते ग्रामीणों को शरीर में पानी की कमी से बचने के लिए नींबू पानी, ग्लूकोज और आम का पना जैसे पेय पदार्थों का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीण शमीम शाह ने बताया कि गर्मी के कारण उल्टी-दस्त जैसी समस्याओं से बचाव के लिए तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाना जरूरी हो गया है। वहीं, दोपहिया वाहन चालक भी धूप से बचने के लिए चेहरे पर कपड़ा बांधकर सफर कर रहे हैं। मौसम के बदलते तेवर ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। खेतों में बोई गई ग्रीष्मकालीन मूंग की फसल पर रोगों का खतरा मंडराने लगा है। किसानों के अनुसार मूंग की फसल के लिए साफ और शुष्क मौसम अनुकूल रहता है, लेकिन उमस और बादलों के कारण फसल में भभूतिया रोग और मारूका इल्ली जैसे कीटों का प्रकोप बढ़ रहा है। इससे बचाव के लिए महंगे कीटनाशकों का छिड़काव करना पड़ रहा है, जिससे लागत बढ़ती जा रही है। किसान भागीरथ भायरे ने बताया कि बार-बार बदलते मौसम के कारण मूंग की फसल प्रभावित हो रही है। रोगों और कीटों के बढ़ते प्रकोप से उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है, जिससे किसानों की चिंता और गहरा गई है।

