अनोखा तीर, मसनगांव। वैशाख के महीने में मौसम की गतिविधियों में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। गर्मी के मौसम में हो रही बारिश से आषाढ़ जैसा एहसास हो रहा है। पिछले सोमवार से जारी बारिश के कारण जहां तापमान में गिरावट आई है, वहीं मौसम में ठंडक बनी हुई है। बुधवार रात के बाद गुरुवार रात को भी तेज हवा और आंधी के साथ करीब 15 मिनट तक बारिश हुई, जिससे मौसम और अधिक ठंडा हो गया। सुबह से ठंडी हवाओं के कारण सर्दी जैसा एहसास बना रहा। मौसम में हो रहे इस बदलाव का असर मानव स्वास्थ्य पर भी दिखाई दे रहा है। बार-बार बदल रहे मौसम से सबसे अधिक किसान वर्ग परेशान नजर आ रहा है। खेतों में खड़ी मूंग की फसल में न तो सही तरीके से सिंचाई हो पा रही है और न ही प्राकृतिक स्थिति अनुकूल बनी हुई है। वहीं तेज हवा और आंधी के कारण मक्का की खड़ी फसल भी झुककर जमीन पर गिर रही है। डोमनउ और सालाखेड़ी क्षेत्र में हवा के कारण मक्का की फसल को नुकसान पहुंचा है, जबकि मूंग की फसल में बीमारियां लगने लगी हैं। ग्राम के किसान गौरव भायरे ने बताया कि मूंग की फसल में जाला बनाने वाली इल्ली पत्तियों पर लग रही है, जिससे बचाव के लिए किसानों को महंगी दवाओं का छिड़काव करना पड़ रहा है। किसानों के अनुसार जिन खेतों में मूंग की बुवाई की जा चुकी है और सिंचाई की जा रही है, वहां हल्की नमी के कारण दाना खराब होने की आशंका बनी हुई है। जिन क्षेत्रों में नहर से सिंचाई होती है, वहां भी दो दिनों से हो रही बारिश के कारण बोई गई फसल को लेकर चिंता बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार 5 अप्रैल तक इसी प्रकार की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। इसके चलते कई किसानों ने खेतों में सिंचाई का कार्य फिलहाल रोक दिया है। किसानों का मानना है कि वैशाख में हो रही इस असामान्य बारिश का असर आगामी मानसून पर भी पड़ सकता है, क्योंकि सामान्यत: ऐसी स्थिति आषाढ़ में देखने को मिलती है, लेकिन इस वर्ष चैत्र से ही मौसम में बदलाव शुरू हो गया है।
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