-तपस्वियों व लाभार्थी परिवार का बहुमान
अनोखा तीर, खिरकिया। जैन श्वेतांबर जैन श्री संघ के तत्वाधान में आयोजित नवपद आयंबिल तपस्या का पूर्ण महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। आयंबिल का तप ऐसा तप है, जो शरीर की अनेक व्याधियों को नष्ट कर जीवन में शांति और समाधि प्रदान करता है तथा व्यक्ति को कर्मों से मुक्त होने की दिशा में अग्रसर करता है। इस तपस्या में तपस्वी दिन में एक समय बैठकर एक ही बार सादा, उबला हुआ आहार ग्रहण करते हैं, जो भोग से त्याग की ओर ले जाने वाला मार्ग है। नौ दिन तक चले इस तप में 21 तपस्वियों ने तपस्या पूर्ण की। विशेष संयोग यह रहा कि मां-बेटी, सास-बहू, बहन-बहन और ननंद-भोजाई की जोड़ियों ने भी एक साथ तप किया। इस वर्ष तपस्या के लाभार्थी के रूप में मातु श्रीमती विमला देवी मांगीलाल भंडारी परिवार तथा सुपुत्र सरोज सुगनचंद भंडारी परिवार रहे। साथ ही उनकी पुत्री बरखा वरुण श्रीमाल, उज्जैन निवासी भी संयुक्त लाभार्थी रहीं। लाभार्थी परिवार धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय सहयोग के लिए जाना जाता है। श्री संघ द्वारा लाभार्थी परिवार का शाल, श्रीफल एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मान किया गया। प्रशस्ति पत्र का वाचन निर्मल विनायक ने किया। कार्यक्रम के अंतिम दिवस श्री संघ खिरकिया एवं लाभार्थी परिवार की ओर से सभी तपस्वियों का अभिनंदन एवं सम्मान किया गया। साथ ही वर्षीतप करने वाले तपस्वियों का भी विशेष सम्मान किया गया। आशीष समदड़िया, दीपा विनायक एवं सुचिता भंडारी ने अपने विचार व्यक्त किए। लाभार्थी परिवार की ओर से बरखा श्रीमाल तथा संघ की ओर से अध्यक्ष अनिल मुनोत ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन रश्मि श्रीश्रीमाल ने किया। इस अवसर पर अध्यक्ष अनिल मुनोत, कोषाध्यक्ष विमल रांका, मंत्री राजेश मेहता, सह मंत्री विजय कोचर, संरक्षक रमणलाल सांड, इंदरचंद श्रीश्रीमाल, पूर्व अध्यक्ष चंपालाल भंडारी, पनराज मुनोट, किरीट नागड़ा, निर्मल विनायक, कमल समदड़िया, सुरेश रैदासनी, हरकचंद सांड, वरिष्ठ पत्रकार सुनील जैन, यश पांडे एवं बद्री पटेल सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। आयंबिल तप आराधना करने वाले तपस्वियों में मयूर विनायक, अभिषेक (जिमी) जैन, चंदा विनायक, प्रफुल्ला विनायक, संगीता विनायक, दीपा विनायक, विजय रांका, मंजू रांका, संपत सांड, प्रतिभाबेन शाह, मालती नागड़ा, उर्मिला नागड़ा, जीतल नागड़ा, शेल्बी नागड़ा, सेस्वी नागड़ा, रश्मि श्रीश्रीमाल, सुनंदा कोचर, विजेता मेहता, प्रियंका सांड एवं सुचिता भंडारी शामिल रहे। वर्षीतप के तपस्वियों में उपवास से वीर माता सुषमा समदडिया, रमीला करनावट, संगीता भंडारी, मीनू मेहता एवं विराज नागड़ा तथा एकासन से राजेश मेहता, आनंद श्रीश्रीमाल, आशीष श्रीश्रीमाल, विवेक विनायक, उर्मिला नागड़ा, सुनंदा कोचर, रश्मि श्रीश्रीमाल एवं समता मेहता शामिल रहे। आयंबिल के दौरान नौ दिन आयोजित परीक्षा में प्रथम दीपा विनायक, द्वितीय विजया रांका एवं तृतीय संपत सांड रहीं। साथ ही अन्य प्रतियोगिताओं के भी पुरस्कार वितरित किए गए। कार्यक्रम में महावीर महिला मंडल, समता महिला मंडल, चन्दबला श्राविका मंडल सहित अन्य श्राविकाएं उपस्थित रहीं।

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