अनोखा तीर, हंडिया। पुण्य सलिला मां नर्मदा के दक्षिण तट पर स्थित पावन नगरी हंडिया को पर्यटन नगरी एवं नगर परिषद का दर्जा दिए जाने की मांग नागरिकों द्वारा वर्षों से की जा रही है। बताया जाता है कि हंडिया आस्था नगरी होने के साथ-साथ ऐतिहासिक नगरी भी है। यहां आसपास अनेक ऐतिहासिक धरोहर हंडिया की पहचान हैं। पूर्णिमा और अमावस्या जैसे पर्वों पर सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन आते हैं, लेकिन सुविधाओं के अभाव के चलते उन्हें परेशानी उठानी पड़ती है।
ग्राम पंचायत के पास नहीं है पर्याप्त बजट
हंडिया ग्राम पंचायत की बात की जाए तो यहां 12 महीने तीज-त्योहारों और मेलों की व्यवस्था पर खर्च होने वाली राशि पर्याप्त नहीं होती, जिससे आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारू रूप से नहीं हो पातीं। क्षेत्र की आवश्यकताओं को देखते हुए यदि प्रदेश सरकार हंडिया को नगर परिषद का दर्जा प्रदान करती है, तो निश्चित ही धार्मिक नगरी में विकास को गति मिलेगी।
हनुमंतिया टापू की तर्ज पर विकसित हो जोगा का किला
हंडिया एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहां तीज-त्योहारों के अवसर पर अनेक धार्मिक आयोजन होते रहते हैं, लेकिन शासन-प्रशासन की उपेक्षा के चलते यह क्षेत्र अपेक्षित विकास से वंचित रहा है। यदि जोगा के किले के आसपास हनुमंतिया टापू की तर्ज पर सुविधाएं विकसित की जाएं, तो निश्चित तौर पर हरदा जिला ऐतिहासिक पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल कर सकता है।


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