-सरकार को दी चेतावनी
अनोखा तीर, हरदा। भारतीय किसान संघ जिला हरदा इकाई ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रेस वार्ता आयोजित कर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। संगठन ने कहा कि गेहूं खरीदी की तारीख बार-बार बढ़ाने से किसानों में असंतोष बढ़ रहा है और उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। किसान संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने की बात करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात इसके विपरीत हैं। सहकारी बैंकों द्वारा 0 प्रतिशत ब्याज पर दी जाने वाली ऋण सुविधा की अवधि 28 मार्च के बाद नहीं बढ़ाई गई, जिससे किसानों पर 7 प्रतिशत ब्याज और 14 प्रतिशत दंड का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। संघ ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार द्वारा गेहूं खरीदी की तारीख 10 अप्रैल तक बढ़ाने और भुगतान जमा करने की अंतिम तिथि 28 मार्च रखने से किसानों को नुकसान हो रहा है। डिजिटल प्रणाली में भी कई किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि पिछले वर्ष का ब्याज माफ करने का वादा अब तक पूरा नहीं हुआ है। पराली जलाने के मुद्दे पर भी संगठन ने नाराजगी जताई। किसान संघ ने कहा कि पराली जलाने पर किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना और जुर्माना लगाना गलत है। संगठन ने चेतावनी दी कि जब तक सरकार पराली के समाधान के लिए ठोस व्यवस्था नहीं करती, तब तक किसानों पर कार्रवाई बंद की जाए। इसके अलावा, इस वर्ष ठंड के बावजूद किसानों की मेहनत से गेहूं का अच्छा उत्पादन हुआ है। संगठन ने मांग की कि सरकार 11 क्विंटल प्रति बीघा के हिसाब से समर्थन मूल्य पर खरीदी सुनिश्चित करे। किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार खरीदी की मात्रा कम करने का प्रयास कर रही है, जो किसान विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। किसान संघ ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
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