-निजी नलकूप खनन और सिंचाई पर रहेगा प्रतिबंध
अनोखा तीर, हरदा। जिले में गिरते भू-जल स्तर को देखते हुए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। कलेक्टर सिद्धार्थ जैन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, हरदा जिले में 1 अप्रैल से 31 जुलाई 26 तक जल अभावग्रस्त स्थिति घोषित की गई है। आदेश में बताया गया है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष भू-जल स्तर में लगभग 39.8 लीटर की गिरावट दर्ज की गई है। बढ़ती गर्मी और तापमान के कारण जल स्रोतों पर दबाव बढ़ रहा है, जिससे पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए म.प्र. पेयजल परिरक्षण अधिनियम के तहत पूरे जिले में नलकूप (ट्यूबवेल) और हैंडपंप के खनन पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है। बिना सक्षम अनुमति के कोई भी व्यक्ति निजी ट्यूबवेल या हैंडपंप नहीं खोद सकेगा। इसके अलावा, जल स्रोतों से कृषि सिंचाई और औद्योगिक उपयोग के लिए भी बिना अनुमति पानी लेने पर रोक लगाई गई है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि यह निर्णय जनता को पेयजल उपलब्ध कराने और जल वितरण व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। साथ ही, नलकूप खनन और सिंचाई की अनुमति जारी करने के लिए संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को अधिकृत किया गया है। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे पानी का समुचित उपयोग करें और जल संरक्षण में सहयोग दें, ताकि आने वाले महीनों में किसी बड़े संकट से बचा जा सके।
हरदा में जल संकट..

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