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Thursday, 22 October 2026
हरदा

पालने में झूले श्रीराम लला

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-पट्टाभिराम मंदिर में धूमधाम से मनाया भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव
अनोखा तीर, हरदा। शहर के गढ़ीपुरा स्थित पट्टाभिराम मंदिर में शुक्रवार को भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर नारदीय परंपरा के अनुसार हरिकीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें रामलला के जन्म से लेकर वनवास और राज्याभिषेक तक की कथा का सजीव चित्रण किया गया। महाराष्ट्र के पुणे से आई कीर्तनकार अवंतिका साठे ने नारदीय शैली में भगवान के रामजन्मोत्सव का वर्णन किया। दोपहर 12 बजे भगवान राम के जन्म होते ही भक्तों ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए और राम जन्म की स्तुति की। मंदिर के पट खुलने के बाद भक्तों ने भगवान के बाल रूप के दर्शन किए। पुजारियों ने भगवान के बाल रूप को माता कौशल्या के रूप में बैठी महिला की गोदी में रखा, जिसके बाद उन्हें फूलों से सजे पालने में विराजमान किया गया। जन्मोत्सव में शामिल भक्तों ने भगवान के बाल रूप को पालने में झुलाकर आनंद लिया और बाद में प्रसादी वितरित की गई। यह मंदिर गुरु गोंदवलेकर महाराज से संबंधित है और अपनी प्राचीन राजस्थानी शैली के लिए जाना जाता है। इस जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए इंदौर, भोपाल के साथ-साथ महाराष्ट्र से भी भक्त हर साल हरदा पहुंचते हैं। नारदीय परंपरा में कीर्तन गद्य और पद्य दोनों में होता है। इसमें भगवान रामचंद्र जी के जन्म से लेकर राज्याभिषेक तक की कथा को पहले गद्य में और फिर उसके हिंदी अनुवाद के साथ पद्य में प्रस्तुत किया जाता है। मंदिर समिति के सदस्य दिलीप गोड़बोले ने बताया कि यह भजन की एक विशेष शैली है, जिसमें कथा कहते हुए उसे पद्य में गाया जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि इस प्राचीन परंपरा के कीर्तनकार अब बहुत कम बचे हैं।

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