-‘रक्त दाता प्रेरणाÓ प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न
अनोखा तीर, हरदा। मध्यप्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी द्वारा शुक्रवार को हरदा के स्थानीय होटल में सुरक्षित और स्वैच्छिक रक्तदान को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक दिवसीय ‘रक्त दाता प्रेरणा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों और रेड रिबन क्लब के सदस्यों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारम्भ अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर व दीप प्रज्जवलन कर किया गया। कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एच.पी. सिंह, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. मनीष शर्मा, ब्लड बैंक अधिकारी दिव्या यादव, सामाजिक संस्था के प्रतिनिधि सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम में कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने संबोधित करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्वैच्छिक रक्तदाताओं को प्रेरित करना और सुरक्षित रक्त दान के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। स्वैच्छिक और गैर-पारिश्रमिक रक्त दान को रक्त सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है। कलेक्टर ने कहा कि कहा कि सभी स्वेच्छा से रक्तदान करें। रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है, क्योंकि हमारे द्वारा दिया गया रक्त किसी व्यक्ति को जीवनदान दे सकता है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से अपील की कि वे रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाएं। उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा पद्धति में रक्तदान पूरी तरह सुरक्षित है और इससे स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता। कलेक्टर ने शिविर में रक्तदान करने वाले नागरिकों व संस्थाओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
प्रशिक्षण में वरिष्ठ पेथोलॉजिस्ट श्री यू.एम. शर्मा ने कहा कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य समाज में यह संदेश फैलाना है कि रक्तदान न केवल सुरक्षित है, बल्कि दूसरों की जान बचाने के लिए अनिवार्य भी है। स्वैच्छिक दाताओं से प्राप्त रक्त, प्रतिस्थापन दाताओं की तुलना में अधिक सुरक्षित होता है। कार्यक्रम में रक्तदान से जुड़े भ्रमों को दूर करने और युवाओं को प्रेरित करने के लिए नई रणनीतियों पर चर्चा की गई। प्रशिक्षण में सहायक संचालक ब्लड ट्रांसफ्यूजन सर्विसेस भोपाल श्रीमती मोनल सिंह ने कहा कि 18 से 65 वर्ष की आयु का कोई भी स्वस्थ व्यक्ति रक्तदान कर सकता है। एक यूनिट रक्त कम से कम तीन लोगों की जान बचा सकता है। उन्होने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है कि सभी को सुगमता से रोग मुक्त रक्त प्राप्त हो। साथ ही शतप्रतिशत रक्तदाताओं को रक्तदान के लिये प्रेरित किया जा सके।

Views Today: 2
Total Views: 98

