अनोखा तीर, हरदा। डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय, खंडवा में जनवरी 2026 में आयोजित शोध शिखर विज्ञान पर्व का आयोजन भव्य एवं ज्ञानवर्धक रूप से संपन्न हुआ। इस विज्ञान पर्व में मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से प्राध्यापक, शोधार्थी एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार, अनुसंधान क्षमता तथा समाजोपयोगी तकनीकों को विकसित करना था। विज्ञान पर्व में कृषि, जल संरक्षण एवं जल शुद्धिकरण (खेती व घरेलू कार्यों हेतु), पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास, जैविक खेती एवं अपशिष्ट प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित कई वर्किंग मॉडल प्रस्तुत किए गए। हरदा जिले की ओर से प्रस्तुत इंटीग्रेटेड सस्टेनेबल स्मार्ट एग्रीकल्चर मॉडल के साथ-साथ खेती एवं घरेलू कार्यों में उपयोग होने वाले जल के शुद्धिकरण, जैविक खाद, ऑर्गेनिक कीटनाशक तथा वेस्ट मैनेजमेंट से संबंधित प्रभावशाली मॉडल प्रदर्शित किए गए, जिन्होंने निर्णायक मंडल का विशेष ध्यान आकर्षित किया। मॉडल के माध्यम से स्मार्ट कृषि प्रणाली के साथ जल प्रबंधन को दर्शाया गया, जिसमें सिंचाई एवं घरेलू उपयोग (जैसे सफाई, धुलाई आदि) के लिए प्रयुक्त जल के शुद्धिकरण, पुन: उपयोग एवं जल बचत की वैज्ञानिक तकनीकों को शामिल किया गया। यह मॉडल किसानों के लिए कम लागत में अधिक उत्पादन, जल संसाधनों के समुचित उपयोग एवं पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सहायक सिद्ध हो सकता है। कार्यक्रम में इसरो वैज्ञानिक डॉ. मधुकांत पटेल, स्टेनफोर्ड विश्वविद्यालय, कैलिफोर्निया के वेदांत अहलुवालिया एवं कुलपति डॉ. अरुण जोशी सहित अनेक शिक्षाविद, वैज्ञानिक एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे। अतिथियों ने सभी वर्किंग मॉडलों का अवलोकन किया तथा उनकी कार्यप्रणाली, तकनीकी संरचना, लागत, व्यवहारिक उपयोगिता एवं जल शुद्धिकरण से होने वाले लाभों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मॉडल जल संकट और कृषि चुनौतियों के समाधान में उपयोगी सिद्ध होंगे। सभी प्रस्तुत मॉडलों में हरदा जिले का प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ रहा। हरदा जिले की ओर से प्रस्तुत इंटीग्रेटेड सस्टेनेबल स्मार्ट एग्रीकल्चर मॉडल को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। निर्णायक मंडल द्वारा इस मॉडल को उसकी वैज्ञानिक सोच, व्यावहारिक कृषि उपयोग, जल प्रबंधन एवं पर्यावरण हितैषी दृष्टिकोण के लिए विशेष रूप से सराहा गया। रमन क्षेत्रीय संसाधन केंद्र हरदा के समन्वयक उमेश शर्मा ने बताया कि यह मॉडल प्रो. स्वाति गुरु एवं सहयोगी प्रीतम देवड़ा द्वारा तैयार किया गया है। इस मॉडल को भोपाल में आगामी 7 फरवरी 2026 को होने वाले अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रदर्शन हेतु चयनित किया गया है।
राष्ट्रीय शोध शिखर विज्ञान पर्व में हरदा प्रथम स्थान पर

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