अनोखा तीर, मसनगांव। सर्दी के मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के कारण कभी गर्मी तो कभी ठंड का एहसास बना हुआ है। जनवरी माह में रविवार को एक बार फिर मौसम का मिजाज बदला नजर आया। सुबह धूप निकलने के बाद दोपहर में आसमान पर बादल छा गए, जिससे धुंध की स्थिति बनी रही। बादलों के कारण तेज सर्दी से कुछ राहत मिली, हालांकि दोपहर में चली ठंडी हवाओं से हल्की ठंड बनी रही। मौसम में आए इस बदलाव से जहां लोगों को तेज ठंड से राहत मिली, वहीं किसानों की चिंता बढ़ गई है। खराब मौसम के चलते फसलों में बीमारी लगने की आशंका बनी हुई है। रविवार को दिन का अधिकतम तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं रात का न्यूनतम तापमान बढ़कर करीब 11 डिग्री तथा अधिकतम तापमान लगभग 18 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम के असर से दिन और रात दोनों समय हल्की सर्दी का एहसास बना रहा। आमतौर पर जनवरी माह में कड़ाके की सर्दी पड़ने के आसार रहते हैं, लेकिन इस वर्ष बार-बार हो रहे मौसम परिवर्तन के चलते तेज सर्दी की जगह सामान्य सर्दी ही महसूस की जा रही है। मौसम में उतार-चढ़ाव का असर मानव स्वास्थ्य पर भी दिखाई दे रहा है। सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार जैसी बीमारियों की चपेट में लोग आ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मौसम के असर से सबसे अधिक बच्चे और बुजुर्ग प्रभावित हो रहे हैं, वहीं युवा वर्ग भी सर्दी-जुकाम जैसी समस्याओं से परेशान है। किसानों ने बताया कि सुबह और शाम के समय ठंड रहने से फसलों में हरियाली और रौनक दिखाई देती है, लेकिन दोपहर में तापमान बढ़ने से फसल की बढ़वार प्रभावित हो रही है।
बादलों से फसलों में बीमारी की आशंका बढ़ी
आसमान पर बादल छाए रहने और तापमान में बढ़ोतरी के कारण फसलों में बीमारी लगने की आशंका बनी रहती है। इससे बचाव के लिए किसान खेतों में दवाइयों का छिड़काव कर रहे हैं। मुख्य रूप से चना और मक्का जैसी फसलों में इल्ली के प्रकोप की संभावना जताई जा रही है। मौसम को देखते हुए किसान फसलों की सुरक्षा के लिए सतर्कता बरतते हुए समय-समय पर दवाइयों का स्प्रे कर रहे हैं।
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