दक्षिण पन्ना वनमण्डल में पहली बार एशियन वाटर वर्ड्स सेंसस

WhatsApp Image 2025-09-19 at 11.24.35 PM

-29 जलाशयों में लगभग 5400 जलपक्षियों की गणना, 45 से अधिक प्रजातियां दर्ज
अनोखा तीर, भोपाल। दक्षिण पन्ना वनमण्डल में पहली बार  एशियन वाटर वर्ड्स सेंसस 2026 का सफल आयोजन किया गया। अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत एशियन वाटर वर्ड्स सेंसस किया गया, जिसमें झीलों, तालाबों, नदियों एवं अन्य आर्द्रभूमियों में पाए जाने वाले जलपक्षियों की गणना की जाती है। इस सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य जलपक्षियों की संख्या, प्रजातिगत विविधता तथा आर्द्रभूमियों की पारिस्थितिक स्थिति का आंकलन करना है, जिससे संरक्षण एवं प्रबंधन के लिए वैज्ञानिक आधार उपलब्ध हो सके। एशियन वाटर वर्ड्स सेंसस 2026 के अंतर्गत दक्षिण पन्ना वनमण्डल में कुल 6 सर्वेक्षण दलों द्वारा कार्य किया गया, जिनमें लगभग 25 वन अधिकारी, वनकर्मी एवं वन समिति के अध्यक्ष/सदस्य शामिल रहे। इस दौरान वनमण्डल के अंतर्गत 29 प्रमुख जलाशयों एवं जल निकायों का सर्वेक्षण किया गया। सर्वेक्षण के दौरान लगभग 50 विभिन्न प्रजातियों के जलपक्षियों की पहचान की गई तथा कुल मिलाकर लगभग 5400 पक्षियों की गणना दर्ज की गई। दक्षिण पन्ना वनमण्डल में इस सेंसस के दौरान विभिन्न प्रकार के जलपक्षी समूहों की उपस्थिति दर्ज की गई। जलपक्षी वर्ग में लेसर व्हिसलिंग डक, रुडी शेलडक, नॉब-बिल्ड डक एवं कॉटन पिग्मी गूज प्रमुख रहे, जो खुले जलाशयों और शांत जल क्षेत्रों की गुणवत्ता को दर्शाते हैं। ग्रीब्स वर्ग में लिटल ग्रीब की उपस्थिति देखी गई, जो अपेक्षाकृत साफ और स्थिर जल में पाए जाते हैं। इसी प्रकार कॉर्मोरेंट समूह में लिटल कॉर्मोरेंट, इंडियन कॉर्मोरेंट एवं ग्रेट कॉर्मोरेंट की अच्छी संख्या दर्ज की गई, जो जलाशयों में मछलियों की उपलब्धता का संकेत देती है।
उथले जल एवं किनारी क्षेत्रों के पक्षियों गणना
उथले जल एवं किनारी क्षेत्रों में चलकर भोजन करने वाले पक्षियों में इंडियन पोंड हेरॉन, ग्रेट व्हाइट एग्रेट, ईस्टर्न कैटल एग्रेट, पेंटेड स्टॉर्क, ब्लैक स्टॉर्क, एशियन ओपनबिल, रेड-नैप्ड आइबिस एवं लेसर एडजुटेंट जैसी महत्वपूर्ण प्रजातियां देखी गईं। इनमें से ब्लैक स्टॉर्क और लेसर एडजुटेंट जैसे पक्षियों की उपस्थिति क्षेत्र की आर्द्रभूमियों के संरक्षण महत्व को रेखांकित करती है। वहीं क्रेन्स एवं उनके सहचर पक्षी समूह में यूरेशियन मूरहैन एवं व्हाइट-ब्रेस्टेड वॉटरहैन दर्ज किए गए। वेडर्स (किनारी जलपक्षी) वर्ग में ब्लैक-विंग्ड स्टिल्ट, रेड-वॉटल्ड लैपविंग, लिटल रिंग्ड प्लोवर एवं कॉमन सैंडपाइपर प्रमुख रूप से पाए गए।
इनका रहा विशेष योगदान
इस सम्पूर्ण दो दिवसीय सर्वेक्षण में पवई वनपरिक्षेत्र से रेंज ऑफिसर नितेश पटेल, वनरक्षक प्रकाश सिंह गोंड, सतेंद्र सिंह, पर्यावरण प्रेमी एवं कंप्यूटर ऑपरेटर सागर सोनी, रैपुरा रेंज से वन परिक्षेत्र अधिकारी विवेक जैन, वनपाल रंजना नागर, वनरक्षक धीरेंद्र सिंह, रजनीश चौरसिया एवं प्रेमशंकर सिंह, सलेहा वनपरिक्षेत्र से रेंज ऑफिसर जीतू सिंह बघेल, पर्यावरण संरक्षण कार्यकर्ता एवं पटना तमोली अध्यक्ष अजय चौरसिया, वनरक्षक मनोज चौरसिया एवं महेंद्र अग्रहरि, कल्दा रेंज से वनरक्षक वीरेंद्र पटेल, राहुल सिंह राय, राजेश धुर्वे एवं कृष्ण कुमार कोंदर, शाहनगर रेंज से वनरक्षक आशीष पांडे, उदयभान सिंह एवं प्रेमनारायण वर्मा तथा मोहंद्रा रेंज से वनरक्षक संदीप राय, पुण्य आदि ने उत्साहपूर्वक भाग लिया एवं इस सर्वेक्षण को सफल बनाने में सराहनीय योगदान दिया।

Views Today: 2

Total Views: 46

Leave a Reply

लेटेस्ट न्यूज़

MP Info लेटेस्ट न्यूज़

error: Content is protected !!