-सामुदायिक सहभागिता से ग्राम जवारधा में बाढ़ से बहे रपटे की मरम्मत
अनोखा तीर, रहटगांव। सामुदायिक सहभागिता और ग्राम विकास कार्यों में स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से पहर फाउंडेशन हरदा द्वारा, गूँज संस्था दिल्ली के सहयोग से रहटगांव तहसील के आदिवासी व वन ग्रामों में सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के माध्यम से गांवों की ऐसी छोटी-छोटी समस्याओं को चिन्हांकित कर हल करने का प्रयास किया जा रहा है जिन्हें समुदाय स्तर पर मिलकर सुलझाया जा सकता है। इसके लिए जागरूकता कार्यक्रम और बैठकों का आयोजन किया गया। इसी क्रम में ग्राम जवारधा में चार माह पूर्व भारी बारिश और गंजाल नदी की बाढ़ से नदी पर बना रपटा बह गया था। मिट्टी और पत्थर बह जाने से आवागमन बाधित हो गया था। हर वर्ष की तरह इस बार भी रपटा/पुलिया के बहने से ग्रामीणों को आने-जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। अब जब बारिश कम हो गई, तो ग्रामीणों ने सामुदायिक सहभागिता से एकजुट होकर रपटे/पुल पर मिट्टी और पत्थर डालकर उसकी मरम्मत की। इससे अब गांव के लोगों के लिए नदी पार करना आसान हो गया है। ग्रामीणों ने इस पहल के जरिए यह संदेश भी दिया कि गांव के विकास से जुड़ी छोटी-छोटी समस्याओं का समाधान समुदाय स्तर पर मिलकर किया जा सकता है। मरम्मत कार्य के दौरान पहर फाउंडेशन टीम के साथी राजेन्द्र कलम भी मौजूद रहे। इस कार्य में तेंदूपत्ता समिति अध्यक्ष दौलतसिंह, वन समिति अध्यक्ष नंदराम, रामगोविंद, रामदास, रामदयाल, सुनील, नानकराम, सुखराम, धन्नूलाल, जगदीश, दयाराम सहित कई ग्रामीण शामिल हुए। कार्य पूर्ण होने पर संस्था द्वारा सहयोगी ग्रामीणों को गिफ्ट देकर धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
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