लोकगीत हमारी संस्कृति की पहचान : भगवानदास सबनानी

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एमएलबी कॉलेज में भारतीय संस्कृति के लोकगीत राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का शुभारंभ

अनोखा तीर, भोपाल। उच्च शिक्षा विभाग मध्य प्रदेश शासन द्वारा भारतीय ज्ञान परंपरा की राज्य स्तरीय अकादमिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के अंतर्गत भारतीय संस्कृति के लोकगीत प्रतियोगिता का आयोजन शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री व विधायक भगवानदास सबनानी, सारस्वत अतिथि डॉ.मुकेश मिश्र, निदेशक दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान भोपाल, डॉ.धीरेंद्र शुक्ल राज्य समन्वयक म.प्र, भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ डॉ.मथुरा प्रसाद अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा विभाग नर्मदापुरम संभाग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का प्रारंभ दीप प्रज्वलित कर मां सरस्वती की वंदना के साथ किया गया। कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों का स्वागत श्रीफल स्मृति चिन्ह एवं तुलसी का पौधा देकर किया गया। मुख्य अतिथि भगवानदास सबनानी ने इस अवसर पर कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा की सुदीर्घ पर प्रकाश डाला। भारत की प्राचीन शिक्षा प्रणाली यह दुनिया की सबसे पुरानी ज्ञान परंपराओं में से एक है,यह एक समृद्ध विरासत है जो कई हज़ारों सालों से चली आ रही है। यह स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व, और विश्व शांति के सिद्धांतों को मानती है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई शिक्षा नीति में उन सभी बातों का समावेश किया है जो हमारी ज्ञान परंपरा को और मजबूत करने के साथ ही विद्यार्थियों को सरलता से जोड़ेगी। लोकगीत हमें धर्म के साथ ही हमारी परंपराओं से जोड़े रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लोकगीत अपनी स्थानीय भाषा में इतने सरल मीठे और लोकप्रिय होते हैं, लोग इनके साथ अपने को जोड़ा रखना चाहते हैं। कार्यक्रम में सभी अतिथियों का आभार महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.अजय अग्रवाल ने किया।

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