-किसान 28 फरवरी से पूर्व कराएं अपने खेत की गिरदावरी
अनोखा तीर, हरदा। जिले में वर्ष 2025-26 के लिए रबी फसलों की गिरदावरी डिजिटल क्रॉप सर्वे तकनीकी के माध्यम से पटवारियों एवं स्थानीय युवा द्वारा सम्पन्न कराई जा रही है। प्रभारी अधिकारी भू-अभिलेख सुश्री रजनी वर्मा ने बताया कि आयुक्त भू संसाधन प्रबन्धन द्वारा प्रदेश में गिरदावरी कार्य पूर्ण किए जाने हेतु अंतिम तिथि 28 फरवरी 2026 निर्धारित की गई। कार्यालय भू संसाधन प्रबन्धन भोपाल अनुसार जिले में 80 प्रतिशत गिरदावरी का कार्य पूर्ण हो चुका है। उन्होने बताया कि किसान द्वारा स्वयं भी अपने खेत की गिरदावरी एम.पी. किसान एप के माध्यम से दर्ज की जा सकती है। इसके अतिरिक्त किसान भाई संबंधित ग्राम पटवारी के माध्यम से सारा एप पर अपनी फसल की गिरदावरी दर्ज करा सकते है। कलेक्टर श्री सिद्धार्थ जैन ने नियत समय सीमा में गिरदावरी कार्य पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं।
समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन अवश्य कराएं
रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिए किसान पंजीयन 7 फरवरी से प्रारम्भ हो चुका है। किसान 7 फरवरी से 7 मार्च तक पंजीयन करा सकते हैं। उप संचालक जे.एल. कास्दे ने किसानों से आग्रह किया है कि निर्धारित समय में पंजीयन करा लें। उन्होंने बताया है कि किसान पंजीयन की व्यवस्था को सहज और सुगम बनाया गया है। केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रुपए प्रति क्विंटल घोषित किया गया है, जो गत वर्ष से 160 रूपये अधिक है।
पंजीयन की नि:शुल्क व्यवस्था
पंजीयन की नि:शुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर, तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर और सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र पर की गई है।
पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था
पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर की गई है। इन केन्द्रों पर पंजीयन के लिये शुल्क राशि प्राप्त करने के संबंध में कलेक्टर निर्देश जारी करेंगे। प्रति पंजीयन के लिये 50 रूपये से अधिक शुल्क निर्धारित नहीं किया जाएगा।
उपार्जित फसल के भुगतान हेतु बैंक खाता
किसान द्वारा समर्थन मूल्य पर विक्रय उपज का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किसान के आधार लिंक बैंक खाते में किया जाएगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते में भुगतान करने में किसी कारण से समस्या उत्पन्न होने पर किसान द्वारा पंजीयन में उपलब्ध कराये गए बैंक खाते में भुगतान किया जा सकेगा। किसान पंजीयन के समय किसान को बैंक का नाम खाता नंबर और आईएफएससी कोड की जानकारी उपलब्ध करानी होगी। अक्रियाशील बैंक खाते, संयुक्त बैंक खाते एवं फिनो, एयरटेल, पेटीएम, बैंक खाते पंजीयन में मान्य नहीं होंगे। पंजीयन व्यवस्था में बेहतर सेवा प्राप्त करने के लिए यह जरूरी होगा कि किसान अपने आधार नंबर से बैंक खाता और मोबाईल नंबर को लिंक कराकर उसे अपडेट रखें।
आधार नंबर का वेरिफिकेशन
पंजीयन कराने और फसल बेचने के लिए आधार नंबर का वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा। वेरीफिकेशन आधार नंबर से लिंक मोबाईल नंबर पर प्राप्त ओटीपी से या बायोमेट्रिक डिवाईस से किया जा सकेगा। किसान का पंजीयन केवल उसी स्थिति में हो सकेगा जबकि किसान के भू-अभिलेख के खाते एवं खसरे में दर्ज नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होगा। भू-अभिलेख और आधार कार्ड में दर्ज नाम में विसंगति होने पर पंजीयन का सत्यापन तहसील कार्यालय से कराया जाएगा। सत्यापन होने की स्थिति में ही उक्त पंजीयन मान्य होगा।
चना एवं मसूर फसल के उपार्जन हेतु पंजीयन 16 मार्च तक होंगे
म.प्र. शासन, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के निर्देशानुसार रबी वर्ष 2025-26 विपणन वर्ष 2026-27 में ई-उपार्जन पोर्टल पर 20 फरवरी से 16 मार्च 2026 तक चना एवं मसूर के पंजीयन किए जाएंगे। उप संचालक जे.एल. कास्दे ने बताया कि जिले में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा रबी विपणन 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन हेतु स्थापित पंजीयन केंद्र, द्वारा ही चना एवं मसूर फसल के पंजीयन किए जाएंगे। उन्होने किसान भाइयों से अनुरोध किया है कि चना एवं मसूर फसल के उपार्जन के लिये निर्धारित समयावधि 16 मार्च तक अपना पंजीयन करा लें।
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