फार्मर रजिस्ट्री कराने में किसानों को हो रही परेशानी

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80 प्रतिशत किसानों के नाम मिसमैच होने से नहीं हो पा रही प्रक्रिया, 30 नवम्बर तक कराना अनिवार्य

-फार्मर आईडी कार्ड बनने पर ही मिलेगा किसान सम्मान निधि और अन्य योजनाओं का लाभ

लोकेश जाट, हरदा। जिले में अब फार्मर रजिस्ट्री की जा रही है। इस प्रक्रिया के तहत किसानों के भूलेख डाटाबेस को एक साथ करके प्रत्येक समान नाम व पिता के नाम वाले किसानों के समूह तैयार कि जा रहे है। इसके बाद किसानों से जुड़े सभी विवरण आनलाइन होंगे। उनका एक यूनिक आइडी के साथ गोल्डन कार्ड बनेगा, जिसमें सभी वांछित सूचनाएं अंकित रहेंगी। इसके माध्यम से किसानों को फसल ऋण, फसल बीमा, आपदा राहत, परामर्श आदि सुविधाएं पाने में सुगमता होगी। दिसंबर यानि 19वीं किस्त की सम्मान निधि वहीं किसान पाएंगे, जिनकी फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। जिसके चलते जिले के किसान फार्मर रजिस्ट्री कराने आनलाइन कियोस्क पर पहुंच रहे है, लेकिन 80 प्रतिशत किसानों की फार्मर रजिस्ट्री नाम मिसमेच के कारण नहीं हो पा रही है, जिसके चलते किसानों को किसान सम्मान निधी की 19वी किस्त और अन्य सरकारी योजनाओं से वंचित रहने का डर सताने लगा है। इससे पूर्व फार्मर रजिस्ट्री के क्रियान्वयन के लिए डीएम की अध्यक्षता में 11 सदस्यीय जिला कमेटी का गठन हो गया है। सीडीओ उपाध्यक्ष व उपनिदेशक कृषि सचिव हैं। तहसील स्तर पर भी कमेटी बनी है। जिला स्तर पर जिला सूचना विज्ञान अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी व सभी नायब तहसीलदारों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षण भी दिया गया है। तहसील स्तर पर चयनित कार्मिकों को प्रशिक्षित भी किया जा चूका है। ताकि गांव स्तर पर किसी प्रकार की कठिनाई न पैदा हो। प्रतिदिन 18 से 19 हजार का लक्ष्य फार्मर रजिस्ट्री को पूरा करने का रखा गया है। इसके लिए गांव-गांव में पटवारी द्वारा कोटवारों से मुनादी कर किसानों को फार्मर रजिस्ट्री के लिए जागरूक भी किया जा रहा है। फार्मर रजिस्ट्री कराने में किसानों को तकनीकी समस्या का सामाना करना पड़ रहा है। जिसमें सबसे ज्यादा हिन्दी नाम के मिसमेच होने की समस्या सामने आ रही है।

हर किसान के लिए एक खास किसान आईडी

किसान रजिस्ट्री, किसानों के लिए एक अहम पहल है। किसान रजिस्ट्री के तहत, हर किसान को एक खास किसान आईडी दी जाती है। किसान रजिस्ट्री कराने के लिए, ज़रूरी दस्तावेज़ और जानकारी देने होते हैं। जिसके लिए आधार कार्ड, ज़मीन की जानकारी के लिए नक़ल की कॉपी , आधार से लिंक मोबाइल नम्बर होना जरूरी है।

इसमें दर्ज होगी समस्त जानकारी

फार्मर रजिस्ट्री में किसानों की पूरी जानकारी, जैसे मोबाइल नंबर और बैंक खातों की जानकारी, दर्ज की जाएगी। रजिस्ट्री तैयार होने के बाद जरूरत पड़ने पर जिला, तहसील, और गांव का चयन कर भूमि स्वामी और खाता की जानकारी निकाली जा सकेगी। इस प्रक्रिया में ऐप और पोर्टल के जरिए किसानों के सभी खातों को लिंक कर ई-केवाईसी भी की जाएगी, जिसके लिए किसान की सहमति इलेक्ट्रॉनिक रूप में प्राप्त की जाएगी। प्राथमिकता के आधार पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों की फार्मर आईडी जनरेट की जाएगी। इसमें प्रत्येक खातेदार का खसरा नंबर, हिस्सा, मोबाइल नंबर, आधार संख्या, और ई-केवाईसी विवरण दर्ज होगा। अगर भू-अभिलेख में कोई बदलाव होता है, तो फार्मर रजिस्ट्री स्वत: अपडेट हो जाएगी। इसके अलावा, डिजिटल क्राप सर्वेक्षण के तहत प्रत्येक खसरे में दर्ज फसल की जानकारी भी रजिस्ट्री में उपलब्ध होगी। भूमिस्वामी कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से तय शुल्क देकर फार्मर रजिस्ट्री बनवा सकते हैं। स्थानीय युवाओं को इस कार्य के लिए चिह्नित किया गया है, जो अभियान के रूप में फार्मर रजिस्ट्री बनाने का काम करेंगे और उन्हें इस कार्य के लिए आधार से लिंक बैंक खाते में भुगतान किया जाएगा।

फार्मर रजिस्ट्री के बाद मिलेगा ये लाभ

कृषि विभाग ने सभी जिलों को फार्मर रजिस्ट्री प्रक्रिया को 30 नवंबर 2024 तक पूरा करने के निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत किसानों को 30 नवंबर तक रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा, क्योंकि सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि दिसंबर 2024 से पीएम किसान योजना का लाभ केवल फार्मर आईडी के माध्यम से ही दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस रजिस्ट्री से किसानों के हित में विभागीय योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शी तरीके से हो सकेगा, जिससे सभी किसानों को योजनाओं का लाभ आसानी से मिल पाएगा।

इनका कहना है…

गुगल लिपिक हिन्दी-अंग्रेजी कन्वर्ट के कारण नाम मिस मेंच की तकनीकी समस्या आने पर आगे विभाग में जानकारी दी जा रही है। जिसके बाद इसका निराकरण किया जा रहा है। सभी हल्का पटवारी भी अपने क्षेत्र के किसानों को जागरूक कर रहे है। फार्मर रजिस्ट्री के लिए कियोस्क से प्रक्रिया हो रही है। इस प्रक्रिया से सभी किसानों का एक डेटबेस तैयार किया जा रहा है, इससे सभी योजनाओं का लाभ किसानों को आसानी से मिल सकेगा। जो भी तकनीकी समस्या आ रही है उनको चिन्हित कर दूर किया जा रहा है। समय से सभी किसानों को फार्मर रजिस्ट्री करवाई जाएगी। यह कार्य तेजी से किया जा रहा है।

आशीष मिश्रा, नायब तहसीलदार, हंडिया

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