–किसानों के लिए छांव के लिए टेंट, पीने के लिए पानी व स्वास्थ्य के लिए मेडिकल टीम रही तैनात
-बैरिकेट्स लगाकर पुलिस सुरक्षा में हुआ वितर
अनोखा तीर, हरदा। जिले में रबी फसल की बुवाई के लिए किसानों को डीएपी की जरूरत है, जिसके लिए किसान जद्दोजहद में लगे हुए है। क्षेत्र के किसान को डीएपी लेने के लिए खासा परेशान होना पड़ रहा है। मंगलवार रात से ही किसान खाद वितरण केन्द्र पर पहुंच गए। बुधवार को १४९० किसानों को १४ हजार बोरी डीएपी वितरण किया गया। किसानों को व्यवस्थित तरीके से खाद उपलब्ध कराने को लेकर जिला प्रशासन ने खाद वितरण केंद्र पर बैरिकेड्स लगाए । ताकि किसानों को बिना परेशानी के खाद उपलब्ध हो सके। उप संचालक कृषि संजय यादव ने बताया कि मंगलवार को जिले में 900 एमटी यानी लगभग 14 हजार बोरी डीएपी खाद उपलब्ध हुई हैं, जिसे हरदा, खिरकिया व टिमरनी से वितरित कराया जा रहा है। जहां पर किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बैरिकेटिंग की गई है। किसानों के लिए छांव के लिए टेंट, पीने के लिए पानी व स्वास्थ्य के लिए मेडिकल टीम को तैनात किया गया है। प्रत्येक किसान को एक ऋण पुस्तिका पर दस बोरी डीएपी दी गई है। उन्होंने बताया कि दो दिनों बाद एक और रैक आने से सभी किसानों को डीएपी मिल जाएगी। फिलहाल एमपीएग्रो, विपणन संघ, मार्केटिंग सोसाइटी के अलावा एक निजी व्यापारी का काउंटर लगाया गया है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को नेशनल फर्टिलाइजर लिमिटेड कंपनी की 1400 मेट्रिक टन डीएपी की एक रैक और लगेगी।व्यवस्था से खुश किसान, एक एकड़ पर एक बोरी डीएपी की मांगरात भर से लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करने वाले किसानों का कहना है कि बोनी के समय उन्हें एक एकड़ पर एक बोरी डीएपी की आवश्यकता होती है। लेकिन घंटों इंतजार करने के बाद भी उन्हें एक ऋण पुस्तिका पर मात्र दस बोरी डीएपी ही मिल पाई है। किसानों का कहना है कि हर किसान को उसकी ऋण पुस्तिका के हिसाब से एक एकड़ पर कम से कम एक बोरी डीएपी मिलनी चाहिए।

किसानों का कहना है कि बुधवार को वितरण व्यवस्था पहले से बेहतर है, उन्हें डीएपी लेने में इस बार कोई दिक्कत नहीं हुई। प्रशासन ने इस बार अच्छी व्यवस्था की।कलेक्टर ने किया वितरण केन्द्र का निरीक्षणकलेक्टर आदित्य सिंह ने बुधवार सुबह जिला मुख्यालय कृषि उपज मंडी स्थित एमपी एग्रो के उर्वरक वितरण केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए कि उर्वरक खरीदने के लिए आए किसानों के लिए पेयजल व्यवस्था, छांव की व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था, ओआरएस पैकेट व प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करें। कलेक्टर सिंह ने खाद वितरण केंद्र पर एंबुलेंस की व्यवस्था के संबंध में भी मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए। उन्होंने नगर निरीक्षक पुलिस को उर्वरक वितरण केंद्र पर पुलिस बल बढ़ाने के लिए भी कहा। इस दौरान संयुक्त कलेक्टर सतीश राय, एसडीम कुमार शानू देवडिया, उपसंचालक कृषि संजय यादव और सहायक पंजीयक सहकारिता वासुदेव भदौरिया के अलावा मार्कफेड व एमपी एग्रो के अधिकारी भी मौजूद थे। कलेक्टर ने इस दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि उर्वरक वितरण केंद्र पर की गई बैरिकेडिंग व्यवस्था अनुसार लाइन लगवा कर किसानों को व्यवस्थित तरीके से खाद वितरण करवाया जाए।किसानों से अपील, डीएपी के विकल्प के रूप में अपनाएं एनपीकेउप संचालक कृषि संजय यादव ने किसानों से अपील की है कि डीएपी के विकल्प के रूप में एनपीके का प्रयोग करें। उन्होंने बताया कि वर्तमान में डीएपी खाद की कमी को देखते हुए सरकार ने एनपीके ग्रोमोर और सिंगल सुपर फॉस्फेट खाद उपलब्ध कराया है। यह उर्वरक डीएपी की तरह ही काम करता है और किसानों की फसलों के लिए उतना ही प्रभावी है। एक बोरी एनपीके ग्रोमोर का उपयोग एक एकड़ भूमि के लिए किया जा सकता है, जिससे किसानों को अच्छी उपज मिलने की संभावना है। इसके अलावा, यूरिया की कमी को देखते हुए नैनो यूरिया का उपयोग भी किसानों के लिए एक नया और सस्ता विकल्प बन रहा है।

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