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Sunday, 11 October 2026
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रानी के दरबार में उमड़ रहा भक्तों का सैलाब, गरबों के नए स्वरूप की हो रही सराहना

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खरगोंन : नवरात्र के दौरान देवी पांडाल मानो देवस्थल बन गए है। गरबा पंडालों शाम होते ही माता की आरती के बाद गरबों की गूंज सुनाई देने लगती है। खरगोन में नवरात्रि में 15 से ज्यादा बड़े पंडालों में मां शक्ति की आराधना के साथ डंडिया रास गरबा का भी आयोजन हो रहा है। डीजियाना ग्रुप के राधा कृष्ण गरबा मंडल के द्वारा सनातनी गरबा उत्सव मनाया जा रहा है। गणेश मार्केटिंग में महारास गरबा महोत्सव मनाया जा रहा हूं जहाँ टीवी कलाकारों को आमंत्रित किया जा रहा है
शहर के ज्योति नगर सहित नूतन नगर जगदंबा चौक, राधावल्लभ मार्केट सहित मंदिरों और कई स्थानों पर इस वर्ष भी नवरात्रि का पर्व उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। माता-रानी के स्थापना के साथ ही प्रतिदिन बालिकाओं एवं महिलाओ द्वारा मनमोहक गरबो की प्रस्तुतियां दी जा रही है। गरबा रास का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी गरबा पंडलो में पहुंच रहें है।ज्योति नगर में नवदुर्गा उत्सव आयोजन समिति के इंजीनियर नीतिन मालवीय ने बताया आयोजन समिति ने इस साल यहां होने वाले गरबों को नया स्वरूप देते हुए धार्मिक प्रस्तुतियां के लिये कलाकारों को भी आमंत्रित किया है। यहां अलग- अलग विधा में हो रहे गरबो के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने क्षेत्र को अलग पहचान दी है, जिससे समिति का उत्साह बढा है। खरगोन नगर में देर शाम हुए आयोजन के दौरान जब पारंपरिक सुन्दर एवं रंगीन कपड़ों से सजी-धजी युवतियां, सिर पर मिट्टी की चरी (मटकी) रखकर, उसमें प्रज्वलित ज्वाला के साथ, बगैर उसे स्पर्श किए, जब नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दे रही थीं, तो इन नृतकियों के संतुलन के साथ हाथ, कमर व पैरों का सुंदर संचालन देख वहां मौजूद लोग अचंभित हो उठे और तालियां बजाकर उनका अभिवादन किया। झिलमिल रोशनी के बीच हुए इस सुंदर दृश्य ने इसे और भी आकर्षक बना दिया। दरअसल ये अवसर था शहर के ज्योति नगर स्थित गरबा पांडाल में आमंत्रित टीम की प्रस्तुति का। यहां आमंत्रित टीम ने करीब दो घंटे तक एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दी, जिसमें चरी नृत्य को काफी सराहा गया। वहीं इस मनमोहक आयोजन को लेकर समिति अध्यक्ष इंजी. नीतिन मालवीय ने बताया कि पवित्र शारदीय नवरात्र में ज्योति नगर स्थित खरगोन महारानी के दरबार में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। दक्षिण भारत के सिद्ध स्थल वेल्लोर स्थित स्वर्ण मंदिर में विराजित श्रीमहालक्ष्मी मंदिर की तर्ज पर बने यहां के स्वर्ण पांडाल में विराजित माता की मनोहारी प्रतिमा के चरणों में रोजाना हजारों भक्त नतमस्तक हो रहे हैं। श्रद्धालुओं की आस्था का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शाम होते ही यहां जयकारे गूंजने लगते हैं, जो रात 12 बजे तक भी अनवरत जारी रहते हैं। वहीं इस समिति के मीडिया प्रभारी दिलीप सोनी ने बताया कि माता की आराधना स्वरुप हो रहे गरबे भी माता के भक्तों को रिझा रहे हैं। देर रात यहां धर्म, लोक संस्कृति और अन्नदाता किसानों के परिश्रम एवं राष्ट्रीय देशभक्ति से ओतप्रोत भारत के अनोखे स्वरूप को, जब गरबा कलाकारों ने नृत्य मुद्रा में इस मंच से प्रस्तुत किया, तो समूचा पांडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इस दौरान नयनाभिराम प्रतिमा को स्वरुप देने वाली बुरहानपुर की मुर्तिकार सम्राट मौर्य आर्ट्स की संचालिका सरिता मौर्य का नवदुर्गा उत्सव समिति ने सम्मान कर प्रोत्साहित भी किया।

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