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Thursday, 5 November 2026
हरदा

मां के कारण मेरे घर में रोज दिवाली है, वरना सारा घर लगता फिर खाली

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–खाली हैÓ : मुकेश शांडिल्य

–फुलड़ी में हुआ कवि सम्मेलन, श्रोताओं को खूब हं

अनोखा तीर, हरदा। ग्राम फुलड़ी में नवदुर्गा उत्सव समिति द्वारा कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें कवि और कवयित्रियों ने कविताओं के माध्यम से जमकर हंसाया और गुदगुदाया। इसके साथ ही व्यंग्य और देशप्रेम की कविताओं से समाज को संदेश भी दिया। समिति से जुड़े नितिन गौर ने बताया कि नवरात्रि में 9 दिन तक मां दुर्गा की आराधना की जा रही है। जिसमें गांव के सभी लोग सहयोग कर रहे हैं। कवि सम्मेलन में हास्य के बड़े कवि मुकेश शांडिल्य और बालकवि दुहित गौर ने जमकर धमाल मचाया। मुकेश शांडिल्य ने श्रोताओं को हास्य कविताओं से गुदगुदाते हुए मां पर एक शानदार कविता सुनाई। उन्होंने मां के कारण मेरे घर में रोज दिवाली है, वर्ना सारा घर लगता फिर खाली-खाली हैÓ कविता से कविता पाठ का समापन किया। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती कि प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलीत कर की गई। कन्या नेंसी द्वारा मंत्र पाठ किया गया। इसके बाद सरस्वती वंदना कर कवयित्री ज्योति जलज ने काव्यपाठ की शुरूआत की। कवि गोकुल गौर विभोर ने पहले कवि के रूप में शानदार कविताएं पढ़ी, उन्होंने दूर तक जिंदगी में उजाले नहीं रात ही रात हैÓ कविता पढ़ी। इसके बाद बालकवि दुहित गौर ने काव्यपाठ किया। उन्होंने शुरू में हास्य कविताएं पढ़ी, लेकिन बाद में देशप्रेम की कविताओं ‘मैं छोटा सा हूँ एक पौधा चमन की बात करता हूँÓ का पाठ किया और खूब तालियाँ बटोरी। इसके बाद मनीष सोनकिया ने छंद और मुक्तक से श्रोताओं को हँसाया। उन्होंने ‘मैं अपने शब्द और यह स्वर वतन के नाम करता हूंÓ कविताएं सुनाई। एलजी लोमेश गौर ने हास्य की चुटकियां ली और कविताओं से सबको खूब गुदगुदाया। उन्होंने गौमाता सड़कों पर है, इसलिए दूध नहीं वो मदिरा पी रहा है। कविता से कविता पाठ का समापन किया। इटारसी से आई प्रमिला किरण ने शानदार गीत गज़लो से लोगों का मनमोह लिया। उन्होंने चैत्रमास नवरात्रि पूजूँ मैं भवानी मातु, वर देके नैया मेरी पार कर दीजिये। सुनाई और खूब तालियाँ बटोरी। कवि सम्मेलन का संचालन करते हुए कवयित्री ज्योति जलज ने ‘घर बार को हमारे सजाती है बेटियां, माँ बाप का सम्मान बढ़ाती है बेटियां कविता सुनाकर कार्यक्रम का समापन किया। आयोजन समिति में शिवानंद गौर, नितिन गौर, राजकुमार पटेल, अरुण गौर, गोलू गौर सहित समिति के अन्य सदस्य शामिल थे। आभार नितिन गौर ने अपनी कविता के साथ व्यक्त किया।

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