Skip to content
Monday, 2 November 2026
हरदा

कालाबाजारी करने वालों से सख्ती से निपटेगी सरकार :  मुख्यमंत्री  

3 min read
Text Size:


-जनप्रतिनिधियों के साथ राजस्व अमला करेगा फसल क्षति आकलन
अनोखा तीर, हरदा
। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उर्वरक की मांग बढ़ने पर कालाबाजारी, अवैध भंडारण, नकली उर्वरक निर्माण की संभावना रहती है। पुलिस का सहयोग लेते हुए निरीक्षण और चेकिंग की व्यवस्था को बढ़ाया जाए। कालाबाजारी करने वालों, मिलावट, मिस ब्रांडिंग और नकली उर्वरक खपाने वालों पर कठोरतम कार्रवाई की जाए। उर्वरक के अवैध परिवहन पर नियंत्रण के लिए एक जिले से दूसरे जिले में उर्वरक मूवमेंट पर सतत निगरानी रखें। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने शनिवार को मुख्यमंत्री निवास से सोयाबीन उपार्जन, खाद उपलब्धता और वितरण की वीडियो कॉन्फ्रेसिंग में कलेक्टर, कमिश्नर से चर्चा कर उक्त निर्देश दिए। कलेक्ट्रेट हरदा के वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से कलेक्टर आदित्य सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमति राजेश्वरी महोबिया, संयुक्त कलेक्टर सतीश राय के साथ-साथ कृषि और सहकारिता विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खरीफ 2024-25 के लिए प्रदेश में खाद की पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का प्राइस सपोर्ट स्कीम में मध्यप्रदेश को सोयाबीन उपार्जन की दी गई स्वीकृति के लिए आभार व्यक्त करते हुए प्रदेश में उपार्जन के समुचित बेहतर प्रबंध करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किया जाए ताकि आवश्यकतानुसार डीएपी के स्थान पर एनपीके, लिक्विड नैनो यूरिया के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए किसानों को ज्यादा से ज्यादा जानकारी दी जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टरों को निर्देशित किया कि राजस्व अमला जनप्रतिनिधियों के साथ फसलों की क्षति आकलन सुनिश्चित करें। खाद भंडारण के लिए डबल लॉक की आवश्यकता होने पर कृषि उत्पादन आयुक्त से समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अमानक स्तर का खाद-बीज विक्रय, भंडारण और परिवहन करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्धता करें सुनिश्चित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रबी 2024-25 के लिए खरीफ 2024 के अनुसार ही उर्वरक वितरण के पुख्ता प्रबंध सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रबी 2024-25 के लिए भी पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि सभी जिला कलेक्टर बेहतर तैयारी कर लें, वितरण व्यवस्था में कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों से समन्वय कर कार्रवाई सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में प्रधानमंत्री श्री मोदी के विजन अनुरूप प्राकृतिक खेती को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा दिया जाए।
ई-उपार्जन पोर्टल पर किसानों के पंजीयन प्रारंभ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 25 सितम्बर से ई-उपार्जन पोर्टल पर किसानों के पंजीयन की कार्रवाई प्रारंभ हो गई है। अधिक से अधिक किसानों से पोर्टल पर पंजीयन कराया जाए। आगामी 20 अक्टूबर तक किसानों का पंजीयन होगा। इसके बाद उपार्जन के लिए स्लॉट बुकिंग की कार्रवाई 21 दिसम्बर तक होगी। किसानों से 25 अक्टूबर से 31 दिसम्बर 2024 तक सोयाबीन का उपार्जन प्रदेश के 1400 केन्द्रों पर किया जाएगा। आवश्यकतानुसार इसमें परिवर्तन भी किया जा सकता है। किसानों को भुगतान ऑनलाइन किया जाएगा।

254 Views
What do you think?

Leave a Reply