योजना से मिला 30 लाख रुपये का ऋण, अन्य 07 नागरिकों को दे रहें है रोजगार
देवास विकासखण्ड के ग्राम क्षिप्रासुकल्या के रहने वाले श्री विकास
पटेल पारंपरिक रूप से डेयरी व्यवसाय से जुड़े हुए थे। वे पहले एक बेहद छोटे स्तर पर डेयरी का
संचालन करते थे। आमदनी सीमित थी, वे अपने इस छोटे से व्यवसाय को एक बड़े और आधुनिक
रूप में बदलना चाहते थे। विकास पटेल के सपनों को उड़ान तब मिली, जब उन्हें केंद्र सरकार की
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के बारे में पता चला। उन्होंने बिना देर किए इस
योजना के अंतर्गत अपने व्यवसाय विस्तार के लिए आवेदन किया। योजना के तहत उनकी परियोजना
को मंजूरी मिली और बैंक द्वारा 30 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया। इसके साथ ही, योजना
के नियमानुसार उन्हें 10 लाख रुपये का अनुदान भी मिला।
योजना का लाभ मिलने पर श्री विकास पटेल ने अपनी डेयरी में आधुनिक मशीनें लगाईं और
बुनियादी ढांचे को मजबूत किया। इसका नतीजा यह हुआ कि उनकी डेयरी का उत्पादन लगभग 5
गुना तक बढ़ गया। आज उनकी डेयरी में केवल दूध ही नहीं, बल्कि उच्च गुणवत्ता वाले डेयरी उत्पाद
दही और पनीर, मावा और घी, विभिन्न प्रकार की मिठाइयों का निर्माण किया जा रहा है। जिससे
विकास पटेल को प्रतिमाह 01 लाख 20 लाख रुपये की शुद्ध आय प्राप्त हो रही है। जिससे उनका
जीवन स्तर पहले से कहीं अधिक बेहतर और समृद्ध हो चुका है।
श्री विकास पटेल आज न सिर्फ खुद एक सफल उद्यमी बनकर आत्मनिर्भर बने हैं, बल्कि वे
समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। उनके इस विस्तारित डेयरी व्यवसाय के कारण
आज 7 अन्य स्थानीय लोगों को रोजगार मिला है, जिससे उन परिवारों की आजीविका भी चल रही
है। श्री विकास पटेल योजना का लाभ मिलने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ.
मोहन यादव को हृदय से धन्यवाद दे रहे हैं।

