-नगर परिषद दफ्तर में तीन राउंड फायर
-सीएमओ ने टेबल के नीचे छिपकर बचाई जान
अनोखा तीर, खंडवा। हरसूद नगर परिषद सीएमओ मोनिका पारदी पर सोमवार दोपहर साढ़े 12 बजे गोली चल गई। पिस्टल लेकर पहुंचे एक युवक ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी के आते ही लगातार तीन राउंड फायर किए। बीच बचाव में एक राजस्व निरीक्षक को भी चोट आई। आरोपी विशाल नामदेव सीएमओ मोनिका पारदी का ड्राइवर था। उसके खिलाफ कई लोगों ने शिकायत की थी। जिसके बाद सीएमओ ने उसे शोकॉज नोटिस दिया था। इसका जवाब उसने संतोषजनक नहीं दिया तो उसने नौकरी से निकाल दिया गया। इसी बात को लेकर वह सीएमओ से नाराज था। पुलिस ने घटनास्थल से पिस्टल बरामद कर ली है।
सीएमओ ने टेबल के नीचे झुककर जान बचाई
सीएमओ मोनिका पारदी का कहना है कि उन्होंने टेबल के नीचे झुक कर जान बचाई। आरोपी ने दफ्तर में आते ही शुरुआती दो राउंड उनके ऊपर फायर किए। बीच-बचाव में उसने पिस्तौल राजस्व निरीक्षक राकेश शर्मा के चेहरे पर फेंक कर मार दी, जिससे कि वे घायल हो गए।
गोली लगी नहीं, बीच बचाव में आरआई घायल
विशाल ने गोली चलानी शुरू की तो आवाज से नगर परिषद दफ्तर में हंगामा मच गया। गनीमत रही कि इस दौरान किसी भी अधिकारी और कर्मचारी को गोली नहीं लगी। विशाल के टारगेट पर सीएमओ मोनिका पारदी ही थीं। किस्मत से वह बाल-बाल बचीं। दफ्तर में मौजूद पार्षद इरशाद पठान, अर्जुन राजपूत, मुकेश बोरासी और राजस्व निरीक्षक राकेश शर्मा ने बीच बचाव किया। इस दौरान राकेश शर्मा घायल हो गए, जिन्हें हरसूद अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इधर, पिस्टल छोड़कर आरोपी भाग निकला। थाना प्रभारी अमित कोरी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
माफीनामा पर नौकरी पर रखा, फिर भी 3 लाख का घोटाला किया
सीएमओ मोनिका का कहना है कि, विशाल नामदेव करीब 8 साल से ड्राइवर की नौकरी कर रहा था। वह पूर्व में भी वित्तीय अनियमितता के मामले में सस्पेंड हो चुका था। मेरे ज्वाइन करने के बाद उसने लिखित माफीनामा दिया। इसके बाद उसे बहाल किया था। लेकिन इस तरह की लापरवाही और अनियमितताएं वह लगातार करता रहा। मेरे द्वारा 8 से 10 बार नोटिस दिए गए थे। डीजल चोरी में ही उसने करीब 3 लाख रुपए का गबन किया था। 2 महीने पहले संविदा भर्ती नियम के तहत उसकी सेवा समाप्त की थी।
आरोपी के खिलाफ वित्तीय गड़बड़ी के मामले थे
सीएमओ मोनिका पारदी के मुताबिक, आरोपी विशाल नामदेव को लेकर कई शिकायतें थी। इनमें वित्तीय अनियमितता और कार्य में लापरवाही को लेकर उसे हटाया गया था। खासकर, वो अवैध रूप से टैंकर बेचने का काम करता था। ड्राइवर रहते हुए डीजल चोरी करता था। नगर परिषद के कर्मचारियों को भी धमकाता था।

