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Monday, 12 October 2026
हरदा

संस्कृतं किमर्थम आवश्यकं…विषय पर

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-संस्कृत विद्वानों के बौद्धिक व्याख्यान का आयोजन

अनोखा तीर, हरदा।
स्थानीय शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में आयोजित सात दिवसीय संस्कृत सप्ताह के दूसरे दिन संस्कृत विद्वानों का बौद्धिक व्याख्यान का आयोजन किया गया है। व्याख्यान के मुख्य वक्ता केंद्रीय संस्कृत यूनिवर्सिटी जम्मू कश्मीर कैंपस के प्रोफेसर डॉक्टर  देवेंद्र पाठक रहें जो मूलत: हरदा गोलपुरा निवासी है। जिन्होंने संगीत कला, नाट्य कला, और संस्कृत व साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में एक विषेश स्थान प्राप्त किया हैं। पाठक ने संस्कृत की महती आवश्यकता एवं संस्कृत किसलिए आवश्यक है पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संस्कृत हमारी सबसे प्राचीन और देव वाणी है। ऐसी और कोई भाषा विश्व पटल पर नहीं है जिसे देवों की वाणी का गौरव प्राप्त हुआ है और सबसे अधिक वैज्ञानिक भाषा का जिसमें गौरव प्राप्त है। ऋषि मुनियों के गहरे ध्यान के बाद यह भाषा दुनिया को प्राप्त हुई है। ऐसी भाषा का हमें व्यवहारिक जीवन में बोलचाल की भाषा में प्रयोग करना चाहिए और एक स्वस्थ जीवन के लिए भी संस्कृत बहुत महत्वपूर्ण भाषा है। संस्कृत से विभिन्न प्रकार के रोजगार के साधन उपलब्ध है… के विषय में मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम में विद्यालय की प्राभारी प्राचार्य सरिता तोमर, अर्चना भैसारे, संस्कृत प्रकोष्ठ प्रभारी हेमलता अग्रवाल, हरिश सिसोदिया, नितिन सोनी, नारायण माल्या , सुमित्रा गावंडे, राजश्री एवं विद्यालय के समस्त स्टाफ व सामाजिकजन उपस्थित हुए। सभी ने कार्यक्रम की सराहना की।

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