प्रशांत शर्मा, हरदा। नर्मदा नदी के तटवर्ती क्षेत्रो को विकसित व संरक्षित करने के उद्देश्य से इंडियन ग्रामीण सर्विसेस द्वारा जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। बताया गया कि नर्मदा नदी मध्य भारत की जीवनधारा है। 5 करोड़ से भी ज़्यादा लोग किसी न किसी तरह इस नदी पर निर्भर हैं। जिसके चलते नर्मदा हमारी संस्कृति का एक अभिन्न अंग बन गई है। नर्मदा नदी और उसकी सहायक नदियों के साथ-साथ ही जैव विविधता की एक श्रृंखला का निर्माण और संरक्षण करना, जिससे पारिस्थितिक, सामाजिक और सांस्कृतिक आदान प्रदान को बढावा मिल सके। साथ ही तटवर्ती क्षेत्र जो किन्ही कारणों से बढ़ते जा रहे है, उन पर अंकुश लगाया जा सके। इसके लिए इंडियन ग्रामीण सर्विसेस संस्था 2017 से नर्मदापुरम में निरंतर कार्य कर रही है। इसी संबंध में जिला हरदा में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। उक्त बातें संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर शशिकांत श्रोती ने कार्यशाला में कही। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जन अभियान परिषद के संभाग प्रमुख कौशलेश तिवारी ने की। जिसमे आसपास ग्राम पंचायतो के ग्रामवासी, वन विभाग, कृषि विभाग, जन अभियान परिषद, रुपाई संस्था आदि के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
Views Today: 2
Total Views: 322

