अनोखा तीर, नेमावर। समाधि सम्राट आचार्य श्री विद्या सागर महाराज के शिष्य एवं आचार्य समय सागर जी महाराज के आज्ञानुवर्ती निर्यापक श्रमण श्री वीर सागर जी महाराज का सिद्ध साधना वर्षायोग सिद्धोदय सिद्ध क्षेत्र नेमावर में चल रहा है। सिद्ध साधना को आगे बढ़ाते हुए क्षेत्र पर साधनारत 74 वर्षीय क्षुल्लक श्री चिंतन सागर जी महाराज ने अपनी भावना आचार्य श्री समय सागर महाराज एवं निर्यापक श्रमण वीर सागर महाराज के श्री चरणों में समाधि सल्लेखना को करने का मनोभाव बनाया। तीन दिन पूर्व ही क्षुल्लक जी ने सब जीवों से क्षमा याचना करके समाधि को कदम बढ़ाते हुए आज प्रात: काल 6 बजे में मुनिश्री वीरसागर जी के मार्गदर्शन सानिध्य में पूर्ण जागृति के साथ चारों प्रकार के अन्न जल का त्याग किया। इसके उपरांत 11.30 बजे मुनिश्री द्वारा सम्पूर्ण वस्त्र आदि का भी त्याग करा दिया गया था। दोपहर 2.50 बजे मुनिश्री के श्रीमुख से अरिहंत सिद्ध नमोकार मंत्र सुनते हुए समाधि मरण हुआ।
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