मनरेगा – निस्तार तालाब फूटा, बारिश ने घटिया निर्माण की खोली पोल

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जहाँ एक तरफ सरकार श्रमिकों को गांवो में ही रोजगार कराने के उद्देश्य से मनरेगा के तहत काम दे रही है जिससे कामगार अन्यत्र जगहों पर पलायन न करे। वही ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत हो रहे कार्य की गुणव्तता पर ध्यान नही दिया जा रहा इसलिये किये जा रहे निर्माण कार्य भ्रष्टाचार की भेंट चढ रहे है । अधिकारियो द्वारा निरंतर स्थलीय निरीक्षण नही किए जाने से महात्वाकांक्षी मनरेगा योजना जमीनी धरातल पर उतरने से पहले ही भ्रष्टाचार के भेंट चढ़ रही है।

मनीष मडाहर, खरगोन : जिले के कसरावद विकासखंड की ग्राम पंचायत पिपलगोन में मनरेगा योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है कुछ अधिकारियों को कर्मचारियों की मिलीभगत से योजना में भ्रष्टाचार किया जा रहा है भ्रष्टाचारीयों ने मिलकर पूरी योजना पर पलीता लगा दिया है इस योजना का मकसद था कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब परिवारों को रोजगार मिल सके ताकि वह रोजगार के लिए बाहरी प्रदेशों में न जाए मगर मनरेगा की जिम्मेदारों ने ही इस योजना में इस कदर लूट मचाई की सरकार की पूरी मंशा धराशाही हो गई जिले के विकासखंड कसरावद की ग्राम पंचायत पिपलगोन में मनरेगा योजनांतर्गत जल सवर्धन निर्माण कार्य गुलमौर के खेत के पास बेड़ी पर 5 लाख रु की लागत से बन रहा निर्मित तालाब फूट गया है। मनरेगा योजना में निर्मित 5 लाख रु की लागत से बन रहे निस्तार तालाब के फूटने की पोल पहली बारिश में ही खुल गई । और तालाब बरसात में बह गया। जिसके साथ ही तकनीकी अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगना शुरू हो गए है। आपको बता दे कि तालाब का निर्माण कार्य अभी चल रहा है । जिसकी तकनीकी देख-रेख उपयंत्री विकास वास्कले के द्वारा की जा रही हैं। तालाब का निर्माण कार्य इतना गुणवत्ताहीन किया गया है कि बारिश में तालाब के फूटकर बह जाने से निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहा हैं। जिसके चलते लाखो के निर्माण कार्य साल भर भी नहीं टिक पा रहे है। बारिश ने ही घटिया निर्माण की पोल खोल दी है। निर्माण कार्य के दौरान अधिकारियों द्वारा इस कार्य की मॉनिटरिंग सही तरीके से नहीं की जिसका नतीजा तालाब फुट गया। कागजो में भर रहे हाजरी। 5 लाख की लागत से बन रहे इस तालाब में अभी कोई मजदूर काम नही कर रहे हैं ओर मजदूरो के नाम से हाजरी भरी जा रही है 21 जुलाई को 87 लोगों को कागजो में मजदूरी दर्शाई थी । सबसे बड़ी मजे की बात तो यह है तालाब के फूटने के बाद आज भी मस्टर रोल पर मजदूरों की हाजरी भरी जा रही है । अधिकारियों ने भ्रष्टाचार की इंतहा कर रखी है । तालाब के फूटने के बारे में जब जनपद सीईओ रीमा अंसारी को मोबाइल पर बताया गया तो उन्होंने कहा कि अभी मीटिंग में हूँ पता करवाती हूँ। उसके बाद मेडम को कई बार फोन लगाया गया लेकिन मेडम ने मोबाईल नही उठाया। आलाधिकारियों की अनदेखी और चुप्पी के चलते भ्रष्ट अधिकारियो को संरक्षण मिलते दिख रहा है ।

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