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Sunday, 11 October 2026
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गोलीकांड..

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-मेरी नहीं तो किसी की नहीं, कहकर प्रेमिका को उतारा मौत के घाट
-मामला एक तरफा प्यार का, आरोपी गिरफ्तार

अनोखा तीर, भैरूंदा। प्रेम प्रसंग के मामले में हुए गोलीकांड के आरोपी को पुलिस ने तीसरे दिन बुधवार को सतराना कोलार नदी के पास से घेराबंदी कर गिरफ्त में लिया। आरोपी के पास से देशी पिस्टल बरामद की है, जिसमें जिंदा कारतूस मौजूूद है। आरोपी यहां से वापस होशंगाबाद भागने की फिराक में था। घटना को अंजाम देने के तीसरे दिन आरोपी वापस भैरूंदा के आसपास किन कारणों से आया यह सवाल पुलिस के लिए पहेली बना है। संभावना व्यक्त की जा रही हैं कि यदि पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं करती तो संभवत: अन्य किसी घटना को आरोपी अंजाम दे सकता था। पुलिस इस मामले में आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी प्रभु दायमा ने स्वीकार किया हैं कि आरती से मैं बेपनाह मोहब्बत करता था। इसलिए मैं उसे किसी और की होते हुए नहीं देख सकता था। लेकिन मेरे और उसके परिवार वाले मानने को तैयार नहीं थे। आरती भी मुझसे कई दिनों से बात नहीं कर रही थी, इसी बात से मैं परेशान रहता था। इसलिए मैंने अपनी मोहब्बत को हमेशा के लिए मौत की नींद सुला दिया।
उल्लेखनीय हैं कि भैरूंदा की नारायण सिटी कालोनी में बीते रविवार रात्री 8 बजे के लगभग इंदर सिंह दायमा के घर में घुसकर रेहटी तहसील के मट्ठागांव निवासी प्रभु दायमा ने गोलीकांड की घटना को अंजाम दिया था, जिसमें मौके पर मौजूद 19 वर्षीय आरती दायमा को दो व उसकी माँ ललिता को गोली के छररे लगने से गंभीर अवस्था में सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान आरती की आधे घंटे बाद ही मौत हो गई थी और मां  को गंभीर अवस्था में भोपाल रेफर किया गया था। जहां अभी भी मां का इलाज जारी है।
जेल जाने में हुई बदनामी से नाराज था आरोपी
एसडीओपी दीपक कपूर व थाना प्रभारी घनश्याम सिंह दांगी ने बताया कि प्रभु दायमा आरती से एक तरफा प्यार करता था। लेकिन दोनों का आपस में चचेरे भाई-बहन का रिश्ता था। इसलिए परिवारजन इस बात से सहमत नहीं थे। प्रभु द्वारा लगातार आरती को परेशान किये जाने पर आरती ने इसकी रिपोर्ट 25 फरवरी को थाने में दर्ज की। जिस पर पुलिस ने आरोपी पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर उसे जेल भेज दिया था। जेल जाने में हुई बदनामी के कारण प्रभु और अधिक नाराज हो गया और उसने मौका पाकर रविवार रात को आरती को अपनी पिस्टल का निशाना बनाते हुए मौत की नींद सुला दिया। इस दौरान प्रभु ने अपनी पिस्टल से चार राउंट फायर किये, जिसमें दो गोली मृतिका को व एक गोली के छररे उसकी मां को लगे वहीं एक गोली जमीन पर फायर की गई।
घटना के एक दिन पूर्व की थी घर की रैकी
आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह सिर्फ आरती को ही नहीं बल्कि उसके पूरे परिवार को मौत की नींद सुला देना चाहता था, इसके लिए आरोपी ने घटना के एक दिन पहले शनिवार को नारायण सिटी कालोनी में पहुंचकर घर के आसपास की रैकी भी की थी। रविवार को बरसात होने के कारण कालोनी में सूनेपन का फायदा उठाकर वह आरती के घर में आया और गाली-गलौच करते हुए उसने आरती पर फायर कर दिया। घटना के समय आरती के पिता सब्जी लेने बाजार गए थे। घटना को अंजाम देने के बाद वह छत से पड़ोसी के घर से होता हुआ मौके से फरार हो गया।  
परिजनों की सुरक्षा करने तीन दिन से पहरा दे रही थी पुलिस
पुलिस ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से परिवारजन भय के साए में थे और उन्होंने पुलिस से सुरक्षा की मांग की थी, जिसके चलतें पिछले तीन दिनों से पुलिस का पहरा पीढ़ित परिवार के घर लगा था। पुलिस को शंका थी कि आरोपी की जब तक गिरफ्तारी नहीं हो जाती तब तक परिवार सुरक्षित नहीं है। जिस तरह से बुधवार को पुलिस ने आरोपी के पास जिंदा कारतूस सहित पिस्टल बरामद की हैं, उससे यह संभावना प्रबल हो गई थी कि आरोपी अभी भी घटना को अंजाम दे सकता था।

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