अनोखा तीर, हरदा। सृष्टि के निर्माता ब्रह्मा जी के कमंडल से राजा भागीरथ देवी गंगा को धरती पर लेकर आए थे। गंगा के अवतरण दिवस को गंगा दशहरा पर्व के नाम से जाना जाता है, जो इस साल यह त्योहार 16 जून को मनाया जाएगा। इस दिन अमृत सिद्धि योग बन रहा हैं। पंडित गिरधर शर्मा बताते हैं कि इस बार गंगा दशहरा का पर्व 16 जून को मनाया जाएगा। इस अवसर पर अमृत सिद्धि योग के साथ ही रवि योग का अद्भुत संगम होने जा रहा है। इस दिन हस्त नक्षत्र भी है, जो इसे और अधिक खास बनाएगा। तीन शुभ संयोग में गंगा दशहरा पर गंगा पूजन और स्नान काफी शुभ माना जाता है।
गंगा दशहरा को मां गंगा धरती पर अवतरित हुई थी
पंडित गिरधर शर्मा ने बताया कि गंगा दशहरा को लेकर यह धार्मिक मान्यता है कि इस दिन ही मां गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुईं थी। गंगा दशहरा पर पवित्र गंगा नदी में स्नान जरूर करना चाहिए। अगर आपके लिए ऐसा कर पाना संभव न हो तो आपको घर पर ही स्नान करते हुए पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान कर लेना चाहिए। इस दिन मां गंगा की पूजा-अर्चना की जाती है। इस दौरान गंगा मैया से पितरों के मोक्ष और शांति की कामना करनी चाहिए। जाने-अनजाने में खुद से हुए पापों के मुक्ति की प्रार्थना भी करनी चाहिए। इसके अलावा गंगा दशहरे के पर्व पर गरीब और जरूरतमंद लोगों को दान करने का विशेष महत्व होता है। इस दिन फल, पंखे, मिट्टी की सुराही, छाते और अन्न का दान करना चाहिए।
ब्रह्म मुहूर्त में होगा समापन
शर्मा बताते हैं कि Óयोतिषीय गणना के अनुसार Óयेष्ठ माह में शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि 16 जून को देर रात 2.&2 बजे पर शुरू होगी और अगले दिन 17 जून को ब्रह्म मुहूर्त में 4.4& बजे पर समाप्त होगी। वहीं गंगा दशहरा अमृत सिद्धि योग मे मनाया जाएगा।







