अनोखा तीर भोपाल:-मध्य प्रदेश की छिंदवाड़ा और राजगढ़ लोकसभा सीट को लेकर कांग्रेस ज्यादा सतर्क है। छिंदवाड़ा से पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ के पुत्र नकुल नाथ दूसरी बार चुनाव मैदान में हैं। यहां कमल नाथ की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। कांग्रेस का गढ़ रही इस सीट को जीतने के लिए भाजपा ने भी काफी जोर लगाया है। इसी तरह राजगढ़ सीट पर भी पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के प्रत्याशी होने के कारण कांग्रेस पूरी सतर्कता बरत रही है।
कांग्रेस ने मतगणना में गड़बड़ी की आशंका जताने के साथ ही इन दोनों सीटों के लिए विधानसभावार प्रभारी तैनात रहेंगे। बता दें, भाजपा ने इन दोनों सीटों पर जीत के लिए कांग्रेस को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दोनों सीटों पर सभाएं व रोड शो किए हैं।
मध्य प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों में से छिंदवाड़ा कांग्रेस का गढ़ है। पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने यहां से नौ बार चुनाव जीते। अब उनके पुत्र नकुल नाथ यहां से सांसद हैं और इस बार पार्टी ने फिर उन्हें चुनाव लड़ाया पर वास्तव में यह चुनाव कमल नाथ ने ही लड़ा। भाजपा ने इस सीट को जीतने के लिए न केवल अपने वरिष्ठ नेताओं को भेजा बल्कि बूथ स्तर पर जमावट की।
अमरवाड़ा से कांग्रेस के विधायक कमलेश शाह, महापौर विक्रम अहाके, पूर्व मंत्री दीपक सक्सेना समेत कई कमल नाथ समर्थकों ने भाजपा की सदस्यता ली। पार्टी यहां मतगणना को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है। चुनाव आयोग से संबंधित कार्यों के प्रभारी जेपी धनोपिया का कहना है कि छिंदवाड़ा का प्रशासन भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है।
मतगणना में गड़बड़ी हो सकती है इसलिए कलेक्टर शीलेंद्र सिंह को हटाने और विशेष प्रेक्षक तैनात करने की मांग की है। प्रभारी भी बनाए हैं। यही स्थिति राजगढ़ लोकसभा क्षेत्र को लेकर भी है। यहां से 33 वर्ष बाद पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने चुनाव लड़ा है। यहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सभा की थी। दिग्विजय सिंह का मुकाबला भाजपा के दो बार के सांसद रोडमल नागर से है। यहां पार्टी ने दिग्विजय सिंह को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
मतगणना को लेकर वे भी अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता कुणाल चौधरी का कहना है कि भाजपा ने जिस प्रकार से चुनाव में प्रशासन का उपयोग किया, उसे देखते हुए छिंदवाड़ा, राजगढ़, गुना, उज्जैन समेत अन्य लोकसभा क्षेत्रों में मतगणना के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। विधानसभावार प्रभारी भी बनाए गए हैं।
116 प्रेक्षक किए तैनात
उधर, चुनाव आयोग ने मतगणना के लिए 116 प्रेक्षक नियुक्त किए हैं। ये सभी अन्य राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी हैं। इनकी देखरेख में ही मतगणना होगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने बताया कि प्रदेश में 230 विधानसभा क्षेत्र हैं। इस प्रकार देखा जाए प्रत्येक दो विधानसभा क्षेत्रों की मतगणना का काम एक अधिकारी देखेंगे।

