अनोखा तीर बड़वानी:-मध्य प्रदेश-महाराष्ट्र की सीमा पर पानसेमल विधानसभा क्षेत्र में बसे दो गांव ऐसे हैं जिसका नाम तो एक जैसे हैं पर दो राज्यों में बंटे हैं। यहां पर वैसे तो आम चुनाव अलग-अलग तारीखों में होते थे लेकिन इस बार पहली बार लोकसभा चुनाव का मतदान दोनों जगह एक साथ हुए। इसलिए यहां का माहौल कुछ अलग बन गया। यहां जो मतदाता आम चुनावों में मध्य प्रदेश-महाराष्ट्र दोनों राज्यों में अपना वोट डाल देते थे वे इस बार ऐसा नहीं कर पाए। इस बार एक ही जगह पर मतदान कर पाए।

एक सड़क करती है दो गांवों का विभाजन
गौरतलब है कि मप्र-महाराष्ट्र सीमा पर एक ही नाम के बसे दो गांव मालकातर में पहली बार लोकसभा चुनाव में ऐसा संयाेग बना कि सोमवार को दोनों राज्यों के चुनाव में मतदान एक साथ हुआ। दोनों राज्यों के बीच में सड़क सीमा है। सड़क के दाएं ओर महाराष्ट्र का गांव बसा है और बाएं तरफ मप्र का मालकातर है।
आजादी के बाद पहली बार एक साथ मतदान
देश में आजादी के बाद यहां सबसे पहला लोकसभा चुनाव 1951 में हुआ था। 71 साल बाद इन दोनों गांवों में ऐसा संयोग बना कि दोनों राज्यों के चुनाव एक साथ हुए। मप्र के लोकसभा क्षेत्र खरगोन-बड़वानी के लिए पांच प्रत्याशी और महाराष्ट्र के नंदूरबार लोकसभा क्षेत्र के लिए 11 प्रत्याशी यहां पर चुनाव मैदान में हैं।

