धीमी पड़ी रफ्तार…. उम्मीदों पर ब्रेक ! उधर, कयासों का बाजार गर्म

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करोड़ों रूपयों से निर्माण कार्य प्रस्तावित

शहरी सीमा पर करीब 24 करोड़ रूपये की लागत से 6 किलोमीटर लंबे रिंग रोड की फाइनल कार्रवाई पर ब्रेक लगा हुआ है। जिसके चलते तरह-तरह के कयासों का बाजार गर्मा रहा है। रिंग रोड के संबंध में कोई कुछ तो कोई कुछ बात का दावा करते नजर आ रहे हैं। जबकि जमीनी हकीकत कुछ ओर ही है। अधिकारिक जानकारी के मुताबिक फिलहाल रिंग रोड का टेंडर नही लगा है। उससे पहले अंतिम कार्रवाई को पूरा किया जाना है, जो जल्द ही पूरा करने की बात कही जा रही है।

अनोखा तीर, हरदा। इन्दौर रोड स्थित छोटी हरदा से खंडवा रोड स्थित कडौला के बीच बनने वाले रिंग रोड की कार्रवाई को लंबा ब्रेक लगने से किसान असमंजस्य में हैं। वहीं पुख्ता जानकारी के अभाव में कयासों का बाजार गर्म है। इस बीच कोई यहां से तो कोई वहां से रिंग रोड बनने का तर्क दे रहे हैं। इतना ही नही, बात ओर अधिक आगे निकल पड़ी। जब क्षेत्रीय किसानों ने कहा कि ठेकेदार का आना-जाना शुरू हो चुका है। साथ में अधिकारियों का पूरा दल प्रस्तावित जगह का निरीक्षण करने पहुंचा था। वहीं रिंग रोड यहां से होकर वहां से गुजरेगा ऐसी जानकारी दी है। हालांकि, ये सभी बातें निराधार साबित हुई। इस संबंध में सुभाष पाटिल इंजीनियर लोक निर्माण विभाग ने बताया कि फिलहाल टेंडर नही लगे हैं। उससे पहले फाइनल सर्वे समेत अन्य कार्रवाई को पूरा करना बाकी है। पहले गेहूॅ और अब मूंग की बुआई हो जाने के कारण सीमांकन समेत अन्य कार्रवाई में दिक्कतें तय थी। उन्होंनें यह भी बताया कि बारिश से पहले यानि जून के प्रथम सप्ताह में कार्रवाई को संपादित करने का प्रयास करेंगे, ताकि सीमांकन, भू-अर्चन एवं मुआवजा वितरण की कार्य पूर्ण कर सके। बता दें कि मूंग की कटाई के वक्त करीब 15 से 20 दिनों का समय मिलेगा, जो मैदानी कार्रवाई के लिये अनुकूल बताया जा रहा है। क्योंकि, उस समय खेत खाली तथा रास्ते सूखे व खुले-खुले मिलेेंगे। जहां अमला वाहनों के साथ पहुंच सकेगा। यहां यह भी बताना होगा कि शहरवासियों के लिए खासा महत्व रखने वाले रिंग रोड को धरातल पर उतारने लोक निर्माण विभाग ने इसकी शुरूआती कार्रवाई में मानो पूरी ताकत झोंक दी थी। वहीं इस जरूरी कार्य को शासन ने भी बगैर कोई समय गंवाये हरी झंडी दे दी है। लेकिन, अचानक धीमी पड़ी रफ्तार के चलते क्षेत्रीय किसानों के अलावा रिंग रोड के निर्माण को लेकर आशान्वित लोग फिलहाल असमंजस्य में हैं। वहीं समय के साथ साथ तरह-तरह के कयासों का बाजार गर्माने लगा है। जिसमें हास्य, चटकारे और बड़े-बड़े दावे शामिल हैं।

24 करोड़ रूपये स्वीकृत

जानकारी के मुताबिक प्रदेश सरकार ने गत 1 मार्च को बजट पेश किया था। जिसमें हरदा शहर को रिंग रोड की सौगात मिली थी। रिंग रोड के लिए सरकार ने 24 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। जिससे इंदौर रोड पर छोटीहरदा तिराहे के पास स्थित नर्मदा मंदिर से खंडवा रोड स्थित कडौला तक कुल 6 किलोमीटर लंबा रिंग रोड प्रस्तावित है। जो इन्दौर रोड से प्रारंभ होकर रिछाड़िया, नहालखेड़ा होते कडोला तक बनाया जाएगा। इसमें लगभग 32 एकड़ सरकारी तथा एक से डेढ़ दर्जन किसानों की कृषि भूमि आने का अनुमान है। इस मार्ग से बाहर से आने वाले वाहनों को लाभ मिलेगा। वहीं शहर में बढ़ता यातायात दबाव भी कम हो सकेगा।

तो जमीन के बदले मुआवजा

उल्लेखनीय है कि रिंग रोड लोक निर्माण विभाग के माध्यम से बनेगा। 6 किलोमीटर लंबे इस रोड में सरकारी गोहों की जमीन का इस्तेमाल किया जाएगा। अगर जमीन की आवश्यकता पड़ेगी तो सरकार किसानों की जमीन अधिग्रहित करेगी। रिंग रोड बनने से जहां किसानों की जमीनों के दाम बढ़ने की उम्मीद है। वहीं व्यवस्थित मार्ग बन जाने से सारी समस्याएं खत्म हो जाएंगी। साथ ही नये कार्यो के लिये अवसर भी उपलब्ध होंगे। यही कारण है कि प्रस्तावित रिंग रोड से लगे किसानों में इसको लेकर हर्ष है। क्योंकि, रिंग रोड पर चौबीस घंटे आवागमन बहाल होने से इलाके की रौनक भी बढ़ेगी।

इनका कहना है

रिंग रोड का टेंडर नही लगा है। टेंडर से पहले फाइनल सर्वे समेत अन्य कार्रवाई को पूरा करना है। जल्द ही सर्वे, सीमांकन समेत अन्य जरूरी प्रक्रियाओं को पूरा कर लिया जाएगा।

सुभाष पाटिल, इंजीनियर

लोक निर्माण विभाग, हरदा

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