अनोखा तीर, हरदा। रेवापुर माइनर से लगे किसानों का पानी के लिये शनिवार को चौथे दिन भी धरना जारी रहा। इस दौरान क्षेत्र के किसानों ने धरने में हिस्सा लेकर व्यवस्था के प्रति गहरी नाराजगी जताई। साथ ही न्यायप्रिय व्यवस्था पर जोर देते हुए कमांड क्षेत्र के किसानों को पानी मुहैया कराने की मांग की। यह भी कहा कि नहर के भरोसे किसानों ने बड़ा दांव खेल चुके हैं। ऐसे में किसानों को सिंचाईं व्यवस्था का सहयोग नितांत जरूरी है, जो किसानों को सुरक्षा चक्र प्रदान करेगा। वहीं आर्थिक नुकसान को रोकने के साथ ही तीसरी फसल को फायदे में तब्दील कर सकेगा। उधर, इसी दिन पानी के मुद्दे पर किसान कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्य केनाल 3008 पर जा पहुंचा। जहां जल वितरण व्यवस्था को नजदीक से देखा। इस संबंध में किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहन विश्नोई ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि पानी मूंग के लिये पानी छोड़ने से पहले जन तथा नहर प्रतिनिधियों की मौजूदगी में 2100 से 2200 क्यूसेक पानी निरंतर चलाये जाने की बात पर सहमति बनी थी। लेकिन वर्तमान में1890 क्यूसेक जल प्रवाह की बात सामने आई है, जो कि नाकाफी है। ऐसा इसलिये, क्योंकि केवल दो महिने की ग्रीष्मकालीन मूंग के लिये एक-एक दिन महत्व रखता है। यही किसानों की चिंता का मुख्य मुद्दा है। जिसके समाधान की दिशा में प्रशासन से समान जल वितरण व्यवस्था अडिग रहने की उम्मीद जताई जा रही है। चौथे दिन धरनास्थल पर किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहन विश्नोई, राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत टाले, गोकुल पटेल सहित अन्य किसान उपस्थित थे।
एक-एक दिन का महत्व
ऐसी स्थिति में महज 60 दिनी फसल के लिये चिन्हित माइनरों तक पर्याप्त जलप्रवाह चुनौती साबित होगा। उन्होंनें पानी बढ़ाए जाने की बात पर जोर दिया, ताकि जल्द से जल्द किसानों का पहला पानी पूरा हो सके।
….तब तक जारी रखेंगे धरना
श्री विश्नोई ने कहा कि पानी की किल्लत के चलते रेवापुर माइनर से लगे किसानों को धरने पर बैठना पड़ा। जिनका साफ कहना है जब तक किसानों को पर्याप्त पानी नहीं मिलेगा, धरना जारी रखेंगे।

