सर्व सुविधायुक्त बनेंगे आंगनवाड़ी केन्द्र

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अनोखा तीर, हरदा। कलेक्टर आदित्य सिंह ने मंगलवार को महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी कर्मचारियों की बैठक लेकर विभागीय योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में उन्होने कहा कि जिले के आंगनवाड़ी केन्द्रों की रंगाई पुताई व पेंटिंग कराकर आकर्षक बनाया जाए और आंगनवाड़ी भवन की दीवारों पर महिलाओं और बच्चों के लिये संचालित योजनाओं की जानकारी तथा आंगनवाड़ी में वितरित होने वाले पोषण आहार का मेनू, पेन्ट कर लिखवाया जाए। आंगनवाड़ी केन्द्रों में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के तहत अतिरिक्त समय में युवा छात्राओं को उच्च शिक्षण के लिये कोचिंग देने की व्यवस्था भी की जाए। इसके लिए जिला प्रशासन हर संभव मदद उपलब्ध कराएगा। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय त्रिपाठी सहित विभाग की परियोजना अधिकारी व सुपरवाइजर मौजूद थी। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री त्रिपाठी ने बताया कि जिले में 699 आंगनवाड़ी केन्द्रों में से 424 विभागीय सरकारी भवन में संचालित है। अन्य शासकीय भवनों में 145 तथा किराये के भवनों में 130 आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित है। जिले में 40 आंगनवाड़ी भवन निर्माणाधीन है।

महिला संबंधी योजनाओं का करें प्रचार

कलेक्टर श्री सिंह ने आंगनवाड़ी केन्द्रों में आने वाली महिलाओं के लिए अलग से शौचालय की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। उन्होने पुराने खण्डहर हो चुके आंगनवाड़ी भवनों को गिराकर नये आंगनवाड़ी भवन निर्माण के प्रस्ताव शासन को भिजवाने के लिए भी कहा। उन्होने घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं की मदद के लिए संचालित विधिक सहायता, पुलिस सहायता, चिकित्सा सहायता व आश्रय सहायता से संबंधित योजनाओं की जानकारी देने के लिए विभागीय सुपरवाईजर्स को निर्देश दिए। उन्होने महिलाओं के लिए संचालित नि:शुल्क विधिक सहायता योजना के प्रचार-प्रसार पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा ताकि अधिकाधिक पीड़ित महिलाएं इन योजनाओं का लाभ ले सकें। कलेक्टर श्री सिंह ने बैठक में निर्देश दिए कि बच्चियां स्कूल की पढ़ाई बीच में न छोड़ें, इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए तथा शिक्षा विभाग के साथ समन्वय बनाकर इसकी लगातार मॉनिटरिंग की जाए। कलेक्टर श्री सिंह ने बैठक में कहा कि पोषण पुनर्वास केन्द्रों में भर्ती कुपोषित बच्चों के मनोरंजन के लिए खेल खिलौने की व्यवस्था तो रहती है। अब इन केन्द्रों में भर्ती बच्चों की माताओं के मनोरंजन के लिए संसाधन उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन हर संभव मदद देगा। उन्होने कहा कि बच्चों की माताओं की सुविधा के लिए इन केन्द्रों में सिलाई मशीन या इस तरह के अन्य संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि महिलाएं अपने समय का बेहतर उपयोग कर सकें। बैठक में उन्होंने लाड़ली लक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना सहित अन्य विभागीय योजनाओं तथा वन स्टॉप सेंटर की गतिविधियों की समीक्षा भी की।

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