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Friday, 16 October 2026
इंदौर

इंदौर को भा रही साइकिल से यारी, किराये की साइकिल का चलन फिर बढ़ा

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अनोखा तीर इंदौर:-आवागमन का सस्ता, सुलभ और सहज साधन साइकिल एक बार फिर ट्रेंड में है। इसे फिटनेस का जुनून कहें या पर्यावरण प्रदूषण रोकने की पहल, इंदौर को साइकिल से यारी बड़ी पसंद आ रही है। अनेक लोगों ने तो अपनी खुद की साइकिल खरीद रखी है लेकिन नाम मात्र के किराये पर मिल जाने के कारण लोग किराये पर लेकर भी अपनी सेहत सुधार रहे हैं।

भागमभाग वाली लाइफ स्टाइल के बावजूद अब किराये की साइकिल का उपयोग बढ़ता जा रहा है। दो साल पहले एसीआईटीई स्लाइड ने शहर में माय बाइक नाम से रेंट साइकिल सर्विस शुरू की थी। 22 साइकिल स्टैंड और 300 साइकिल से शुरू हुआ कारवां अब तक 106 साइकिल स्टैंड और 1940 साइकिल तक पहुंच चुका है। महज 15 रुपये देकर 10 घंटे तक इस साइकिल का उपयोग कर सकते हैं।
एआइसीटीएसएल ने मार्च 2022 में माय बाइक एप्लीकेशन के माध्यम से साइकिल किराये पर देना शुरू किया था। शुरुआत में बीआरटीएस कारिडोर पर 22 साइकिल स्टैंड से 300 साइकिल का संचालन शुरू किया गया। धीरे-धीरे पब्लिक ट्रांसपोर्ट के रूप में इन साइकिल का उपयोग बढ़ने लगा। वर्तमान में पूरे शहर में 106 स्टैंड हैं, जहां से 1940 साइकिलों का संचालन किया जाता है।
यूथ से लेकर बुजुर्ग तक करते हैं उपयोग
पब्लिक ट्रांसपोर्ट के रूप में ई-रिक्शा, सिटी बस , आइ-बस के बाद तेजी से किराये की साइकिल का चलन बढ़ रहा है। स्कूल-कालेज स्टूडेंट जहां कोचिंग आने-जाने के लिए साइकिल का उपयोग कर रहे हैं वहीं बुजुर्ग भी इन साइकिलों से सुबह-शाम की राइडिंग पर जा रहे हैं। कई जाब करने वाले भी इन साइकिलों का उपयोग मंथली प्लान के साथ कर रहे हैं।
1200 मंथली यूजर
साइकिल का क्रेज इस तरह बदल रहा है कि माय बाइक एप पर 1200 यूजर ऐसे हैं जिन्होंने मंथली प्लान पर साइकिल किराये पर ले रखी है। हर महीने यह यूजर प्लान को अपडेट कर देते हैं। एआइसीटीएसएल ने बताया कि कई यूजर तो सालभर से मंथली प्लान पर इन साइकिलों का उपयोग कर रहे हैं।
वीकएंड पर कई किमी की करते हैं साइकिलिंग
वीकएंड पर लोग ग्रुप में साइकिल किराये पर लेते और कई किमी तक राइडिंग करते हैं। शाम को दोबारा साइकिल स्टैंड पर जमा कर देते हैं। कई यूजर तो चोरल, सीतलामाता फाल, पातालपानी, जानापाव तक साइकिल ले जा चुके हैं।
ऐसे करें बुक
साइकिल किराये पर लेने के लिए सबसे पहले माय बाइक एप डाउनलोड करना पड़ता है। इसके बाद प्लान चुनकर साइकिल स्टैंड पर खड़ी साइकिल पर लगे बारकोड को स्कैन करना होता है, जिसके बाद साइकिल का लाक खुल जाता है। साइकिल में जीपीएस लगा होता है, जिससे साइकिल के चोरी होने की आशंका कम रहती है। सिक्यूरिटी अमाउंट के तौर पर 500 रुपये जमा करने होते हैं।
मेंटेनेंस वर्कशाप भी
जब साइकिल लगातार किराये पर रहती है तो खराबी भी आती है। सुधार के लिए हर रात को स्टैंड से खराब साइकिलों को लेकर वर्कशाप लाया जाता है। जहां पर मेंटेनेंस कर दोबारा साइकिल स्टैंड पर रखा जाता है।
यह है फेयरयह सही है कि इन दिनों शहर में किराये की साइकिलों का क्रेज लगातार बढ़ रहा है। इनमें यूथ की संख्या सबसे ज्यादा है। लोग फिटनेस के लिए भी साइकिल चलाने लगे हैं। डिमांड बढ़ने पर साइकिलों की संख्या बढ़ाई जाएगी।- माला ठाकुर, पीआरओ, एआइसीटीएसएल
सेहत के लिए फायदेमंद साइकिल की सवारी
साइकिल चलाने से हृदय की क्षमता में सुधार होता है और रक्त प्रवाह में वृद्धि होती है। यह मान
सिक तनाव को कम करने में मदद करता है और सामान्य स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है।
 साइकिल चलाना से पूरे शरीर की कसरत हो जाती है। इससे पैर, पेट, पीठ और हाथों की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है।
 नियमित रूप से साइकिल चलाने से कैलोरी बर्न करने में मदद मिलती है और यह वजन नियंत्रण में सहायक होता है। यह अत्यधिक चर्बी को कम करने में मदद करता है।
 साइकिल चलाना वायु प्रदूषण को कम करने में मदद करता है, क्योंकि इससे वाहनों का उपयोग कम होता है। इससे हवा की गुणवत्ता में सुधार होता है और पर्यावरण को हानि नहीं पहुंचती है।
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