डॉक्टरों के सम्मान में हुआ कार्यक्रम

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अनोखा तीर, हरदा। इंटेलेक्चुअल पब्लिक वेलफेयर एंड ट्रेनिंग फॉर आर्ट सोसायटी द्वारा स्थानीय एलबीएस कॉलेज के सभागार में डॉक्टरों के सम्मान में रविवार को नाटक ‘तुम बहुत खूबसूरत होÓ का मंचन किया गया। जिसे उपस्थित श्रोताओं ने खूब सराहा। नाटक मनोरंजक के साथ शिक्षाप्रद भी रहा। लेखक ने नाटक का ताना बाना एक हॉस्पिटल के वार्ड में बुना है। नाटक मनुष्य के जीवन में आत्मविश्वास और मनोबल के महत्व को बहुत खूबसूरत ढंग से समझाता है। नाटक की नायिका बीमारी मरणासन्न अवस्था में है, वह अपना मनोबल खो चुकी है, नायक द्वारा उसके मनोबल और आत्मविश्वास को नाटकीय ढंग से बढाना और जीवन जीने की इच्छा पैदा करने की प्रक्रिया में कई रोचक स्थितियां पैदा होती है। कहानी में एक युवा नायिका बीमार मरणासन्न अवस्था में है। दवाइयों ने असर करना बंद कर दिया है। नायिका सुगंधा के दिमाग में यह बात घर कर गई है कि वह खूबसूरत नही है, उसे कोई अटेंसन नहीं देता। जीवन के प्रति वह उदासीन हो गई है। वह जीना नहीं चाहती। तभी अस्पताल के उसी रूम में एक नया मरीज उमंग एडमिट होता है जिसमें नायिका एडमिट है। वह नायिका से परिचित होता है और बातों ही बातों में वह उसे अहसास करा देता है कि वह बहुत खूबसूरत है। वह नायिका की जिंदगी में आता है और उसके अंदर जीने की इच्छाशक्ति पैदा कर, बाहर घूमने चलने का वादा लेकर चला जाता है। यह राज बाद में खुलता है कि वह कोई मरीज उमंग नहीं बल्कि एक डॉक्टर थे, जो किसी और अस्पताल में किसी और बीमार महिला से कहने गये हैं, कि तुम बहुत खूबसूरत होÓ संस्था के निर्देशक संजय तेनगुरिया ने बताया कि इस नाटक का प्रस्तुतिकरण जिले के समस्त डॉक्टर्स द्वारा प्रत्येक आपदा के समय समर्पित सेवाओं के सम्मान में उनके और उनके परिवार के लिए किया जा रहा है। आशा है मोहब्बत के महीने में प्रेम से भरी यह प्रस्तुति, हरदा हादसे के बाद दर्शकों को मुस्कुराने का अवसर देगी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला न्यायाधीश प्रदीप राठौर, जिला चिकित्सा अधिकारी एचपी सिंह, डॉ.विनीत रघुवंशी, डॉ.राजीव खरे, डॉ.मनीष शर्मा अध्यक्ष इंडियन मेडिकल एसोसिएशन रहे।

नाटक में इनकी रही भूमिका  

सुगन्धा- नीतू शर्मा, मामाजी- इरशाद खान, उमंग- संजय तेनगुरिया, डॉक्टर- अतुल जोशी, जूनियर डॉ- गणेश मदुलकर, नर्स- जान्हवी तोमर, कंचन शर्मा, करिश्मा रामकुचे, नृत्य संरचना- अंतिमा दंगड़ा, वेशभूषा- रिमझिम तेनगुरिया, मंच निर्माण- वीरेंद्र पंचोली, सुरेंद्र चौहान, प्रकाश संयोजन- शुभम शर्मा, विशाल भाटी, तकनीकी सहयोग सुनीता जैन, मौसमी डाले ने किया।

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