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Saturday, 31 October 2026
हरदा

आंदोलन की कमर तोड़ने में जुटा तंत्र ….

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अनोखा तीर, हरदा। देश की राजधानी दिल्ली में १३ फरवरी से किसान आंदोलन की सुगबुगाहट के बीच देशभर में किसान संगठनों से जुड़े प्रमुख नेताओं की रफ्तार को थामने का क्रम छेड़ दिया गया। ये सब आंदोलन से ठीक एक दिन पहले हुआ है, जो यह दर्शाता है कि आंदोलन के आह्वान के बाद से सरकार का खुफिया तंत्र सक्रिय होने के साथ साथ हर एक गतिविधि पर अपनी पैनी नजर रखे था। इसी कड़ी में मध्यप्रदेश के कृषि प्रधान जिला हरदा में भी कार्रवाई की आंच महसूस हुई है। यहां किसान नेता एवं आम किसान यूनियन की रीढ राम इनानिया को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनानिया की गिरफ्तारी दिल्ली में प्रस्तावित किसान आंदोलन से जुडे होने की बात सामने आई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इनानिया को रविवार को उस वक्त हिरासत में लिया गया, जब वे हरदा से अपने गृहग्राम लौट रहे थे। गिरफ्तारी के बाद इनानिया को एसपी कार्यालय ले जाया गया। जहां से जेल भेज दिया है। इधर, राम इनानिया की गिरफ्तारी की खबर से जिले अन्य किसान नेताओं खासकर युवा किसानों में रोष व्याप्त है। उन्होंनें कहा कि ये सब बुलंद एवं प्रभावशाली आवाज को दबाने का दुस्साहस है, जो आंदोलन से सहमे लोगों की बौखलाहट को दर्शाता है। लेकिन किसान कोम इस तरह की पैंतरेंबाजी से कतई नही डरेगा। उन्होंनें आरोप मढ़ते हुए कहा कि यह कार्रवाई आंदोलन की कमर तोड़ने का प्रयास है। जिसे देश का अन्नदाता किसान विफल कर देगा। उधर, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सक्रिय किसान नेताओं पर कसावट या यूं कहें कि उन पर कड़ी नजर रखने के उद्देश्य से अलग-अलग टीम मोर्चा संभाले हैं। ऐसे करीब आधा दर्जन किसान नेताओं की हर गतिविधि पर पैनी नजर है। बता दें की किसान नेता राम इनानिया किसानों के हक अधिकार की आवाज बुलंद करने के लिये सदैव अग्रणी रहने के साथ साथ किसान आंदोलनों में अपनी सहभागिता को सुनिश्चित करते रहे हैं। इसके अलावा आम किसान यूनियन का गठन कर यहां किसानों के ज्वलंत मुद्दों कारगार लड़ाई लड़ी हैं, वहीं किसान कोम के मध्य विजय पताका भी फहराया है।

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