हरदा में हुए भयावह पटाखा फैक्ट्री हादसे के बाद भी प्रशासन लापरवाही बरतने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहा है। इस हादसे से सबक न लेकर अभी कोताही बरती जा रही है, जहां एक ओर लापरवाही की वजह से कई लोगों की जान चली गई, तो कई गंभीर रूप से घायल हैं। इन सब के बाद भी प्रशासन सजग नहीं है। आलम यह है कि बीते 4 दिनों के बाद भी सिराली तहसील स्थित पीपलपानी पटाखा फैक्ट्री को अभी तक प्रशासन ने अपने कब्जे में नहीं लिया। न जाने वहां पर कितना विस्फोटक जमा किया गया होगा, जिससे कभी भी हादसे से इनकार भी नहीं किया जा सकता।
अनोखा तीर, सिराली। हरदा में हुए विस्फोट के बाद पूरे प्रदेश में अफरा तफरी माहौल है। प्रशासनिक अमला जगह-जगह छापेमार करवाई कर रहा है और पटाखा फैक्ट्री पर कार्रवाई कर उन्हें सील किया जा रहा है। वहीं इस मामले में प्रदेश के मुखिया भी सख्त नजर आ रहे हैं। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्यवाही की बात कही है। किंतु हरदा जिले की तहसील सिराली में अभी भी सारे मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। यही कारण है कि अभी तक पीपलपानी स्थित फैक्ट्री को प्रशासन ने अपने कब्जे में नहीं लिया और वहां का विस्फोटक नष्ट भी नहीं कराया। जिससे फैक्ट्री मालिक और प्रशासन के बीच कड़ी जुड़ती नजर आती है। फैक्ट्री मालिक को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से प्रशासन रात के अंधेरे में वहां पर रखे लाखों सुतली बम के जखीरे को ठिकाने लगाने की तैयारी कर रहा था, किंतु उनकी एक गलती से सारे मामले से पर्दा हट दिया।

क्या है मामला
बीते गुरुवार की रात सिराली तहसीलदार वीरेंद्र उइके एवं नगर परिषद कर्मचारी पीपलपानी स्थित फटाका फैक्ट्री में दाखिल होते हैं और ट्रैक्टर ट्राली के माध्यम से वहां पर रखा सुतली बम ट्रैक्टर ट्राली में भरकर ले जा रहे थे। तभी ग्रामीणों की सूचना पर मीडियाकर्मी भी वहां पहुंच गए और देखा तो ट्रालियों में भरकर सुतली बम ले जाया जा रहा है। किंतु इस संबंध में जब तहसीलदार से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि सुतली बम एकत्रित कर फायर ब्रिगेड के माध्यम से हम उसे भीगो रहे हैं और यह नष्ट करने की करवाई है। किन्तु रात के अंधेरे में यह कार्यवाही प्रशासन को क्यों करनी पड़ी। इस मामले में उन्होंने कहा कि हम पूरे दिन हरदा में व्यस्त थे और अब रात में कार्रवाई कर रहे हैं, किंतु सवाल यह उठता है कि इस पूरे मामले में सूख रहा सुतली बम एकत्रित कर नष्ट करने कार्रवाई की गई, किंतु माल गोदाम में रखा हुआ विस्फोटक एवं अन्य सामग्री नष्ट नहीं की गई। जिस पर तहसीलदार ने कहा कि अभी फैक्ट्री मालिक के ताले सब में लगे हुए हैं। हमें इन्हें खोलने के लिए अलग से कार्रवाई करना पड़ेगा। तब हम उसे नष्ट कर पाएंगे, जिससे यह साफ होता है कि बीते तीन दिनों के बाद भी अभी तक प्रशासन ने तत्परता नहीं दिखाई और गोदाम में रखा हुआ विस्फोटक नष्ट नहीं किया और ना ही फैक्ट्री को पूर्णता अपने कब्जे में लिया।
नहर के पानी में छोड़े लाखों सुतली बम
पीपलपानी फैक्ट्री से नगर परिषद के कचरा वाहन में भरकर लाए हुए सुतली बम तहसीलदार के कहने पर नगर परिषद कर्मचारियों द्वारा सिराली स्थित नहर में बहा दिए गए। जब किसानों ने इस बात का मुद्दा उठाया और सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ इसके बाद आधी रात को प्रशासनिक अमला पहुंचा और रातों-रात वहां से सुतली बमों को एकत्रित कर अन्य जगह पहुंचाया गया। इस पूरे मामले में तहसीलदार द्वारा भी मीडिया कर्मियों को गुमराह किया। उन्होंने बताया था कि दो ट्राली सुतली बम एकत्रित कर यहीं फायर ब्रिगेड से पानी डालकर नष्ट किया है, किंतु एक कचरा वाहन और कई ट्रालियों में सुतली बम फैक्ट्री से निकालकर रवाना कर दिए गए। जिसमें कचरा वाहन से भरे हुए बमो को नहर में छोड़ा गया। वही भरी हुई ट्राली नगर परिषद कार्यालय में खड़ी हुई देखी गई, जब मामले ने तूल पकड़ा तो आधी रात को नहर से सुतली बम को एकत्रित कराया गया एवं अन्य स्थान पर रफा दफा किया गया। किंतु अभी तक अन्य ट्रालियों में भरा हुआ सुतली बमों का पता नहीं चल पाया है, उनका आखिर क्या किया गया।
नहर के पानी में हो जाता बारूद ही बारुद
जिस तरह प्रशासन द्वारा नहर के पानी में सुतली बमों का जखीरा छोड़ा गया था। अगर वहां से नहीं हटाया जाता तो सारे नहर के पानी में बारूदी बारूद हो जाता और यह नहर का पानी किसान पीने के उपयोग के साथ-साथ अपनी फसलों में देता है और इस पानी को कई जानवर भी पीते हैं। जहरीला पानी पीने से कई जानवरों की जान भी जा सकती थी। किंतु प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया। हालांकि घटना तो टल गई किंतु प्रशासन द्वारा लगभग 12 किलोमीटर दूर लाकर नगर स्थित नहर में यह सुतली बम क्यों छोड़े गए। इन सब का कारण पहेली बना हुआ है।
4 किलोमीटर दूर नहर में तैरते मिले सुतली बम
रात के अंधेरे में नहर में छोड़े गए सुतली बम अब कई किलोमीटर दूर तक पानी में बहते नजर आ रहे हैं। लोलांगरा के ग्रामीणों ने बताया कि सुबह हमने देखा तो नहर में सुतली बम तैरते नजर आए। जिन्हें हमने ग्रामीणों की मदद से एकत्रित कराए गए हैं। क्योंकि आने वाले दिनों में गेहूं की फसल पककर तैयार होती है और मजदूर भी आते हैं। हो सकता है बच्चे इन बारूदन से खेले और कहीं दुर्घटना हो सकती है।
इनका कहना है…
दिन में हम हरदा में व्यस्त थे। इसीलिए रात में गोदाम में रखें सुतली बमों को नष्ट करने की कार्रवाई कर रहे हैं। गोदाम के अन्य स्टॉक रूम और कमरों में पटाखा मलिक के ताले लगे हैं, उन पर बाद में कार्रवाई की जाएगी।
वीरेंद्र उइके, तहसीलदार सिराली
नहर पर मिले सुतली बम बरामद कर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उक्त सुतली बमों को फैक्ट्री में वापस रखवा दिया है। प्रक्रिया के बाद नष्ट किया जाएगा।
अमित भावसार, थाना प्रभारी सिराली

