अनोखा तीर, हरदा। सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में सोमवार को भोजन बनाने का काम करने वाली स्व सहायता समूह की महिलाएं अपनी 8 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रही। जिसके चलते स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों के बच्चों को भोजन नहीं मिल सका। हालांकि जिला पंचायत सीईओ रोहित सिसोनिया ने सभी स्कूलों में ऑप्शनल व्यवस्था के बतौर स्कूल के टीचर्स को स्वल्पाहार की व्यवस्था करने के निर्देश जारी किए गए। महिला स्व सहायता समूह संगठन की जिलाध्यक्ष सुनीता डोले ने बताया कि संगठन ने बेमियादी हड़ताल शुरू होने से जिले के करीब छह सौ स्कूलों और सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर भोजन कव्यवस्था पर प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि जिन स्कूलों और आंगनवाड़ी पर भोजन बनाने वाली महिलाओं को हड़ताल की जानकारी नही लग पाई है। उन्हें मोबाइल से सूचना दी गई है। जिसके चलते कई स्थानों पर भोजन बनाने पहुंची महिलाओं ने भी अपना काम बंद कर हड़ताल में शामिल हो गई है। उन्होंने बताया कि चार महीने बीतने पर भी उन्हें मानदेय राशि नहीं मिलती है, जिससे उन्हें कर्ज लेकर भोजन बनाना पड़ता है। इसकी वजह से वे कर्ज तले दबती जा रही हैं। एक शाला परिसर के तहत समूह की सदस्यों को स्कूलों से हटाकर उन्हें बेरोजगार किया जा रहा है। जिन स्व सहायता समूह की महिलाओं को हटाया गया है, उन्हें दोबारा रखा जाए। इसके अलावा अन्य मांगों का अभी तक सरकार की तरफ से निराकरण नहीं किए जाने से प्रदेशभर के स्व सहायता समूह की महिलाओं में आक्रोश है। उन्होंने कहा जब तक सरकार उनकी मांगों का निराकरण नहीं करेगी, तब तक वह स्कूलों में भोजन नहीं बनाएंगी।

