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Saturday, 7 November 2026
हरदा

24 करोड़ के लाभांश में से सिर्फ 8 करोड़ रुपए हुआ मजदूरों को वितरण

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गणेश पांडे, भोपाल। बालाघाट में दक्षिण उत्पादन वन मंडल के अंतर्गत लौगुर वन परिक्षेत्र के अंतर्गत दर्जन भर गांव के 9 सौ से अधिक महिला-पुरूष मजदूरों को तीन साल का बांस कटाई का करोड़ों रूपये का बोनस नहीं मिला हैं। जिसके चलते वे वन विभाग के बालाघाट सर्किल कार्यालय का चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं। अब मजदूरों ने बांस व लकड़ी कटाई नहीं करने की चेतावनी दी हैं। इन मजदूरों का दावा हैं कि उनकी मजदूरी की राशि करोड़ो में हैं। दक्षिण उत्पादन वन मंडल के अंतर्गत कुछ रेंज में बोनस की राशि का वितरण कर दिया गया हैं पर लौगुर रेंज में बोनस की राशि का वितरण नहीं हो रहा हैं। सैकड़ों की संख्या में इन मजदूरों ने 8 जनवरी को मुख्य वनसंरक्षक एपीएस सेंगर और वनमंडलाधिकारी कार्यालय में संपर्क कर अपनी बातें पहुंचाने का प्रयास किया। जानकारी में आया कि लौगुर वन परिक्षेत्र के अंतर्गत बनग्राम के रहने वाले ग्राम जैतपुरी, गौनाझोला, खुरसुड़, केशलई, फतेहपुर, बरूणगोटा, कुरवाही, जल्दीडांड, पोलबत्तुर, खारा, कोकमा, तलाबोड़ी सहित अन्य स्थान के 900 से अधिक महिला-पुरूष मजदूरों द्वारा बांस की कटाई की गई हैं। इन मजदूरों ने वर्ष 2019-20, 2020-21 और 2021-22 की बांस कटाई की। तीन साल कटाई करने के साथ ही इस सत्र में भी उन्होने कटाई की हैं। यह सब इसलिए की कि उन्हें विश्वास था कि आज न सही कल शासन अपने वादे के मुताबिक उन्हें बांस कटाई का बोनस प्रदान करेगी। अधिकारियों की ओर से भी उनको यही आश्वासन दिया गया कि उन्हें बोनस प्रदान किया जाएगा।

बोनस बांटना था 24 करोड़, बंटे 8 करोड़

विभागीय स्तर पर मिली जानकारी के मुताबिक जिले में पिछले तीन साल का बोनस लगभग 24 करोड़ रूपये होता हैं। जिसमें विभाग की ओर से लगभग 8 करोड़ रूपये का बोनस वितरित किया गया हैं। अभी लगभग 7 करोड़ रूपये का प्रमाणक जिला कोषालय में सलंग्र किया गया है। लौगुर वन क्षेत्र में मजदूरों ने लकड़ी व बांस की कटाई की हैं। साल 2019-20, 2020-21 और 2021-22 की बांस कटाई का बोनस इन तीन सालों का लगभग 24 करोड़ का हैं। बोनस की राशि पाने के लिये भटक रहे मजदूर बांस की कटाई करने के पश्चात मिलने वाले बोनस की राशि के लिये ये मजदूर भटक रहे हैं। मजदूर नैनसिंह सरोते, रविंद उईके, अनिता सरोते और निशा भलावे सहित अन्य मजदूरों ने बताया कि वे 3 साल के बोनस अब तक मजदूरों को नहीं डाला गया हैं और इनकी संख्या 9 सौ मजदूरों से अधिक है। प्रत्येक मजदूर को 50 हजार से 1 लाख रूपये का बोनस प्राप्त होना हैं। इन मजदूरों ने बोनस को लेकर मांग पूरी नहीं होने पर बांस व लकड़ी कटाई बंद करने की चेतावनी दी हैं।

7 करोड़ का प्रमाणक ट्रेजरी में लगाए

इस पूरे मामले को लेकर मुख्य वनसंरक्षक एपीएस सेंगर ने बताया कि पिछले तीन साल का बोनस अर्थात लाभांश 24 करोड़ रूपये हैं। जिसमें पहले 8 करोड़ रूपये का बोनस वितरित कर दिया गया हैं। अभी 7 करोड़ के प्रमाणक ट्रेजरी में लगा दिया गया। शेष भुगतान के लिए शासन से बजट मांगें हैं।

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