रतलाम- न्यायालय ने निवेशकों को रुपये दोगुना करने का झांसा देकर धोखाधड़ी करने के मामले में सजा सुनाई है।कोर्ट ने निजी कंपनी के डायरेक्टर अभियुक्त रघुवीरसिंह राठौर निवासी ग्राम गावड़ीदेवसी जिला उज्जैन, राजेंद्रसिंह सिसौदिया निवासी ग्राम जमुनियाशंकर थाना आलोट (रतलाम), जगदीशचंद्र निवासी ग्राम कराड़िया (आलोट), धर्मेंद्रसिंह निवासी बड़नगर (उज्जैन) व बगदीराम निवासी ग्राम कराड़िया (आलोट) को भादंवि की धारा 420 व मध्यप्रदेश निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम की धारा 6 के तहत क्रमश: छह-छह वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। उन पर दोनों धाराओं में 11-11 हजार रुपये का जुर्माना भी किया गया। फैसला तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश लक्ष्मण कुमार वर्मा ने सुनाया।
यह है मामला
अतिरिक्त लोक अभियोजक संजीव सिंह चौहान ने बताया कि एक जून 2017 को आवेदक मांगीलाल पुत्र निर्भयराम धाकड़ निवासी करवा खेड़ी थाना ताल ने पुलिस में रिपोर्ट की थी कि वर्ष 2011 के जनवरी-फरवरी माह में आरोग्य धन वर्षा डेवलपर्स एंड एलिट लिमिटेड के संचालकगण आरोपित राजेंद्रसिंह, जगदीशचंद्र व्यास, रघुवीरसिंह, धर्मेंद्रसिंह सोनगरा ग्राम करवाखेड़ी में आए थे और गांव वालों को अधिक ब्याज (अधिक लाभ) का प्रलोभन देकर अधिक से अधिक रुपया कंपनी में जमा करने के लिए बताया था।
कंपनी के लोगों द्वारा दिए गए लालच में आकर बहुत से ग्रामीणों ने अपनी मेहनत की कमाई को कंपनी में निवेश किया था। परिपक्वता अवधि पूर्ण होने के पहले ही डायरेक्टर कंपनी बंद करके भाग गए थे। ताल पुलिस ने प्रकरण कर चालान न्यायालय में पेश किया था। न्यायालय ने सुनवाई के बाद पांचों अभियुक्तों को दंडित किया।
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