इंदौर। बढ़ते यातायात के दबाव को कम करने के लिए रिंग रोड का निर्माण किया जा रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने पश्चिमी रिंग रोड का सर्वे पूरा कर रिपोर्ट मुख्यालय भेजी है। मुख्यालय से गांवों और जमीन के खसरा नंबर का प्रकाशन होना है। करीब एक हजार करोड़ की लागत से बनने वाली सड़क के लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
140 किमी लंबे पश्चिम रिंग रोड का सर्वे एनएचएआइ ने पूरा कर लिया है। रोड के लिए आने वाले गांवों का ड्रोन सर्वे पूरा किया जा चुका है। इसके आधार पर जमीन के खसरा नंबर के प्रकाशन के लिए प्रस्ताव दिल्ली मुख्यालय भेजा गया है। संभवत: जनवरी के पहले सप्ताह में नोटिफिकेशन जारी हो सकता है। गौरतलब है कि एनएचएआइ ने विगत तीन माह में ड्रोन सर्वे पूरा कर जमीन की भौतिक स्थिति की रिपोर्ट तैयार की थी, ताकि इसके आधार पर दूसरी अधिसूचना जारी हो सके।

