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Friday, 30 October 2026
मध्य प्रदेश

मंत्री बनाने की मांग को लेकर प्रदर्शन, तख्तियां लेकर सड़क पर की नारेबाजी

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 जबलपुर। महाकोशल के सबसे महत्वपूर्ण शहर जबलपुर से नई सरकार में मंत्री बनाए जाने व यहां कैबिनेट की बैठक आयोजित किए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन हुआ। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच सहित अन्य संगठनों के सदस्य घंटाघर के समीप एकत्र हुए। सबने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की।

विभिन्न संगठनों के सदस्यों ने बताया कि प्रदेश के अनेक क्षेत्रों की तुलना में जबलपुर क्षेत्र विकास की दृष्टि से पिछड़ गया है। अब जबलपुर को इंदौर, भोपाल, ग्वालियर आदि के समकक्ष लाने के लिए यह सरकार आवश्यक कदम नहीं उठाएगी तो वह जबलपुर के साथ नाइंसाफी होगी।

एक उप मुख्यमंत्री जबलपुर से भी हो

नागरकि उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के डा.पीजी नाजांडे ने जोर देकर कहा कि एक उप मुख्यमंत्री जबलपुर से भी बनाया जाना चाहिए। वरिष्ठ नागरिक एसोसिएशन, पेंशनर समाज, महिला समिति, सीनियर सिटीजन वेलफेयर एसोसिएशन, किसान समिति, सेवानिवृत्त डिप्लोमा इंजीनियर संघ, अधिवक्ता संघ व पत्रकार संघ आदि संगठनों के पदाधिकारियों ने इस मांग का समर्थन किया।

मंत्रिमंडल की कवायद तेज

गौरतलब है कि डा. मोहन यादव के मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद अब मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कवायद तेज हो गई है। अलग-अलग स्तर पर मंथन कर मंत्रियों के चयन का फार्मूला तैयार कर लिया गया है। पार्टी ने दो लाइन स्पष्ट कर दी है। पहली, मंत्रिमंडल में सभी संसदीय क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व रहेगा। दूसरा, तीन बार मंत्री रह चुके नेताओं को जगह नहीं मिलेगी।

दिल्‍ली जा सकते हैं मोहन यादव

मंत्रिमंडल में कोई कोटा सिस्टम भी नहीं होगा। इसको लेकर तैयारी कर ली गई है। अब इस आधार पर तैयार सूची पर हाईकमान से चर्चा करने के लिए मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद दिल्ली जा सकते हैं।

हाईकमान से हरी झंडी मिलने के बाद 18 से 22 दिसंबर के बीच किसी भी दिन नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकती है। शपथ लेने वाले मंत्रियों की संख्या फिलहाल कम होगी। 15 से 18 मंत्री बनाए जा सकते हैं।

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